पाकिस्तान का दुष्प्रचार बेनकाब, सेना प्रमुख के नाम से वायरल वीडियो AI डीपफेक निकला

Pakistan's propaganda exposed, viral video attributed to Army Chief turns out to be an AI deepfake

नई दिल्ली : मध्य पूर्व में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात से वैश्विक स्तर पर चिंता का माहौल है। इसी बीच पाकिस्तान ने इस स्थिति का फायदा उठाते हुए भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाने की कथित साजिश रची है। सोशल मीडिया पर भारतीय सेना प्रमुख के नाम से एक एआई-जनरेटेड डीपफेक वीडियो वायरल किया गया, जिसमें यह झूठा दावा किया गया कि भारत ने ईरानी नौसेना के युद्धपोत ‘IRIS Dena’ की खुफिया लोकेशन इजरायल के साथ साझा की थी।

PIB फैक्ट चेक ने किया फर्जी दावे का खुलासा
भारत सरकार की आधिकारिक फैक्ट-चेक इकाई PIB Fact Check ने इस वायरल दावे को पूरी तरह झूठा और भ्रामक बताया है। जांच में सामने आया कि यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया गया एक खतरनाक डीपफेक है।

वीडियो में भारतीय थल सेना प्रमुख Upendra Dwivedi का नाम और उनकी आवाज की नकल का इस्तेमाल कर गलत नैरेटिव फैलाने की कोशिश की गई। फैक्ट-चेक में स्पष्ट हुआ कि जनरल द्विवेदी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया। यह फर्जी वीडियो उनके Raisina Dialogue में दिए गए भाषण के फुटेज से छेड़छाड़ कर तैयार किया गया था।

डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को सख्त निर्देश
सरकारी सूत्रों के मुताबिक यह अभियान पाकिस्तान से जुड़े कुछ प्रोपेगेंडा अकाउंट्स द्वारा चलाया जा रहा एक संगठित दुष्प्रचार प्रयास है, जिसका उद्देश्य भारत की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाना है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी के नए नियमों के तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को ऐसे फर्जी और छेड़छाड़ किए गए वीडियो पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि एआई से तैयार कंटेंट पर स्पष्ट रूप से यह बताना जरूरी है कि वह जनरेटेड है, ताकि लोगों को भ्रमित होने से बचाया जा सके। साथ ही मीडिया संस्थानों और आम नागरिकों से अपील की गई है कि सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी संवेदनशील वीडियो या दावे को बिना आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोत से पुष्टि किए साझा न करें।

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