जनशक्ति जनता दल (JJD) के सुप्रीमो तेज प्रताप यादव ने सोमवार को पटना में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एक अहम संगठनात्मक बैठक की। बैठक में उन्होंने पार्टी के विस्तार की रणनीति साझा की और पूरे बिहार में राज्यव्यापी पदयात्रा निकालने का ऐलान किया।
पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा कि वह बिहार के सभी 38 जिलों में पदयात्रा करेंगे। इस दौरान वे गांव-गांव जाकर लोगों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं को समझेंगे। उन्होंने कहा कि यह पदयात्रा पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करेगी और जनशक्ति जनता दल को आम जनता से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी।
बैठक के दौरान तेज प्रताप यादव ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एमएलसी सुनील सिंह पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सुनील सिंह बार-बार पार्टी कार्यकर्ताओं का अपमान करते रहे हैं और इसी तरह के व्यवहार के कारण राजद का चुनावी प्रदर्शन कमजोर हुआ है। तेज प्रताप ने दावा किया कि ऐसे नेताओं की वजह से ही राजद की सीटें घटकर 25 रह गई हैं और भविष्य में यह संख्या शून्य तक पहुंच सकती है।
तेज प्रताप यादव ने यह भी आरोप लगाया कि राजद के भीतर मौजूद “गद्दारों” ने उनके पिता लालू प्रसाद यादव की राजनीतिक हैसियत को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि अब पार्टी में उनके पिता का पहले जैसा प्रभाव नहीं रह गया है। सुनील सिंह का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वह कभी उनके मामा के करीबी और समर्थक रहे हैं।
एक बड़ा राजनीतिक दावा करते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा कि लालू प्रसाद यादव की असली राजनीतिक विरासत जनशक्ति जनता दल है, न कि राजद। उनके मुताबिक, JJD उस मूल विचारधारा और मूल्यों का प्रतिनिधित्व करती है, जिन्हें कभी लालू प्रसाद यादव ने स्थापित किया था।
JJD प्रमुख ने यह भी घोषणा की कि पार्टी 16 अप्रैल को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक और एक खुला अधिवेशन आयोजित करेगी। उन्होंने इस तारीख को खास बताते हुए कहा कि यह उनके नेता के जन्मदिन के साथ भी मेल खाती है। तेज प्रताप के अनुसार, यह बैठक पार्टी की भविष्य की राजनीतिक रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण साबित होगी।
इसके साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि जनशक्ति जनता दल आने वाले एमएलसी चुनावों में सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। इससे साफ है कि पार्टी बिहार की राजनीति में अपनी पकड़ तेजी से मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।