पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले राजद नेता तेजस्वी यादव ने एक बड़ा राजनीतिक दांव चला है। उन्होंने घोषणा की है कि माताओं और बहनों की मांग पर बहुत जल्द उनकी सरकार बनने जा रही है। सरकार बनने के बाद ‘मां-बहिन मान योजना’ के तहत मकर संक्रांति के दिन महिलाओं के बैंक खातों में एकमुश्त 30,000 रुपए भेजे जाएंगे।
तेजस्वी यादव ने स्पष्ट किया कि यह योजना सिर्फ एक साल के लिए नहीं, बल्कि पांच साल तक लागू रहेगी। उन्होंने कहा, “अगर हमारी सरकार पूरे पांच साल तक चलती है, तो हर महिला को कुल 1.5 लाख रुपए का लाभ मिलेगा।”
उन्होंने बताया कि जैसे ही सरकार का गठन होगा, उसी वर्ष मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर यह राशि महिलाओं के खातों में सीधे ट्रांसफर की जाएगी। यह पर्व दही-चूड़ा और तिल जैसी परंपराओं से जुड़ा है, और उसी दिन महिलाओं को आर्थिक सम्मान देने की शुरुआत की जाएगी।
तेजस्वी यादव ने कहा, “हमारी सरकार माताओं-बहनों की मांग पर बन रही है। मकर संक्रांति के दिन पूरे एक साल की 30,000 रुपए की राशि महिलाओं के खातों में एक साथ दी जाएगी। महंगाई के इस दौर में यह कदम उनके लिए बड़ी राहत साबित होगा।”
उन्होंने बताया कि योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपए का लाभ मिलेगा। साथ ही, उन्होंने अपनी पार्टी के पुराने वादों को याद दिलाते हुए कहा कि राजद पहले भी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई पहलें कर चुकी है — जैसे जीविका दीदियों को स्थायी करना और उन्हें 30,000 रुपए मानदेय देना।
चुनाव से ठीक पहले तेजस्वी यादव की यह घोषणा महिला मतदाताओं को साधने की रणनीति मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम महागठबंधन का मास्टर स्ट्रोक साबित हो सकता है। अब सबकी नजरें इस पर हैं कि एनडीए इस चुनौती का जवाब कैसे देता है।