नई दिल्ली। Rahul Gandhi के रायबरेली दौरे के दौरान दिए गए बयान को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री Narendra Modi, केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah और Rashtriya Swayamsevak Sangh पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश एक बड़े आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है। उनके बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, विशेषकर अमेरिका-ईरान टकराव का असर वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट प्रभावित होने से तेल आपूर्ति बाधित होगी, जिससे पेट्रोल, गैस और रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम बढ़ सकते हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आम लोगों की समस्याओं से दूर हो चुकी है और देश की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है।
राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी प्रवक्ता Pradeep Bhandari ने कहा कि राहुल गांधी की भाषा देशविरोधी ताकतों जैसी प्रतीत होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी कर रही है। वहीं बीजेपी प्रवक्ता Rakesh Tripathi ने राहुल गांधी को “विवादित बयान देने वाला नेता” बताते हुए कहा कि उनकी टिप्पणियां राजनीतिक मर्यादाओं के खिलाफ हैं।
इस बीच कांग्रेस नेता Pawan Khera राहुल गांधी के समर्थन में सामने आए। पवन खेड़ा ने कहा कि जब सरकार जनता की चिंताओं को नजरअंदाज करती है तो विपक्ष का सवाल उठाना स्वाभाविक है। उन्होंने केंद्र सरकार पर आम लोगों की समस्याओं से दूरी बनाने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी के बयान के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। यह मुद्दा अब राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस का विषय बनता दिखाई दे रहा है।