लखनऊ: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में आज मौनी अमावस्या स्नान के दौरान भीड़ अधिक हो गई, जिससे भगदड़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए। इस घटना में कई लोगों के घायल होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि प्रशासन ने अभी तक घायलों की संख्या को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। फिलहाल, हालात सामान्य हैं और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मुस्तैद कर दिया है।
संगम नोज पर मची भगदड़:
भगदड़ का यह हादसा संगम नोज के पास हुआ, जो महाकुंभ के दौरान भारी भीड़ के कारण एक महत्वपूर्ण स्नान स्थल बन गया है। यह वही स्थान है जहां यमुना और मिथकीय नदी सरस्वती गंगा से मिलती है और जहां पर साधु-संत और श्रद्धालु स्नान करते हैं। इस क्षेत्र को स्नान के लिए सबसे अहम माना जाता है और कुंभ के दौरान इसकी सीमा को बढ़ाया जाता है। इस बार, हर घंटे 2 लाख श्रद्धालुओं के स्नान करने की व्यवस्था की गई थी, जबकि पहले यह संख्या 50 हजार थी।
सीएम योगी आदित्यनाथ की अपील:
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना के बाद श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे उसी घाट पर स्नान करें जहां वे मौजूद हैं और संगम नोज जाने की कोशिश न करें। उनका यह संदेश महाकुंभ में भारी भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए था। घटना के बाद महाकुंभ के अस्पताल में एंबुलेंस का तांता लग गया था और राहत एवं बचाव कार्य तेजी से चल रहा था।
मौनी अमावस्या का स्नान:
आज महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान था, जो मौनी अमावस्या के मौके पर हुआ। भोर में अखाड़ों के साधु-संत संगम के लिए निकले थे, लेकिन भगदड़ के बाद प्रशासन ने उन्हें स्नान के लिए घाट पर न जाने की अपील की। इसके बाद, अखाड़ों के साधु-संत शिविर में लौट आए और स्नान नहीं किया।
स्नान करने वाले श्रद्धालु:
प्रशासन द्वारा की गई अपील के बावजूद, सुबह 8 बजे तक लगभग 2.78 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र डुबकी लगाई थी। 13 जनवरी को महाकुंभ की शुरुआत के बाद से अब तक लगभग 19.94 करोड़ श्रद्धालु इस धार्मिक आयोजन का हिस्सा बन चुके हैं।
महाकुंभ के इस आयोजन में श्रद्धालुओं की आस्था और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रशासन की कोशिशें जारी हैं।