प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न केवल देश-दुनिया की कूटनीति बल्कि तकनीकी क्षेत्र की भी गहरी समझ रखते हैं। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के खतरे और फायदों पर हमेशा चर्चा की है, लेकिन अब उनका उद्देश्य इस तकनीक का इस्तेमाल देश की तरक्की और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में करना है। बुधवार को इस दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए AI से जुड़ी रिसर्च और इनोवेशन के लिए 500 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत का भविष्य इनोवेशन में निवेश से तय होगा और AI देश की अर्थव्यवस्था में नई क्रांति लाएगा। उन्होंने बताया कि AI न केवल लाखों करोड़ रुपये जोड़ेगा, बल्कि लाखों नए रोजगार के अवसर भी उत्पन्न करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस साल के केंद्रीय बजट में AI से जुड़ी शिक्षा और रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके तहत भारत में AI क्षमता को विकसित करने के लिए नेशनल लार्ज लैंग्वेज मॉडल स्थापित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
निजी सेक्टर से निवेश की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने निजी कंपनियों से आग्रह किया कि वे इस क्षेत्र में भारत को वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने के लिए निवेश करें। उन्होंने कहा, “दुनिया एक भरोसेमंद, सुरक्षित और लोकतांत्रिक देश की प्रतीक्षा कर रही है, जो किफायती AI समाधान प्रदान कर सके।” पीएम मोदी ने गर्व से यह भी बताया कि आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस बजट में स्टार्टअप्स को और मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
1 लाख करोड़ रुपये के फंड की मंजूरी
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि सरकार ने रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के फंड को मंजूरी दी है। साथ ही, ‘डीप टेक फंड ऑफ फंड्स’ के जरिए उभरते तकनीकी क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि IIT और IISc जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में 10,000 रिसर्च फेलोशिप दी जाएंगी, जिससे युवाओं को बेहतरीन अवसर मिलेंगे और भारत तकनीकी दृष्टि से और मजबूत बनेगा।
भारत की अर्थव्यवस्था में तेजी से वृद्धि
प्रधानमंत्री ने आईएमएफ की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 2015 से 2025 के बीच भारत की अर्थव्यवस्था में 66% की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे यह 3.8 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन गई है। उन्होंने कहा, “यह वृद्धि कई बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से तेज है और वह दिन दूर नहीं जब भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा।”