नई दिल्ली: साल 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हमजा बुरहान को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मार गिराया गया है। जानकारी के मुताबिक, मुजफ्फराबाद में अज्ञात हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से शिक्षक की आड़ में पाकिस्तान में छिपकर रह रहा था और अपनी असली पहचान छुपाए हुए था। उसके मारे जाने को जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
पढ़ाई के बहाने गया पाकिस्तान, बना अल-बद्र का कमांडर
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हमजा बुरहान का असली नाम अरजुमंद गुलजार डार था। वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन अल-बद्र का प्रमुख कमांडर था और जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा इलाके का निवासी था। वर्ष 2017 में वह उच्च शिक्षा के नाम पर पाकिस्तान गया था, लेकिन वहां जाकर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हो गया।
बताया जाता है कि पाकिस्तान में रहते हुए वह युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने, आतंकियों की भर्ती कराने, घुसपैठ का नेटवर्क तैयार करने और विदेशी फंडिंग जुटाने जैसे कामों में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।
UAPA के तहत घोषित किया गया था आतंकवादी
14 फरवरी 2019 को पुलवामा में हुए आत्मघाती आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 से अधिक जवान शहीद हो गए थे। जैश-ए-मोहम्मद द्वारा अंजाम दिए गए इस हमले में विस्फोटकों से भरी कार ने जवानों के काफिले को निशाना बनाया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस हमले की साजिश रचने और आतंकियों को स्थानीय स्तर पर मदद पहुंचाने में हमजा बुरहान की अहम भूमिका थी।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उसे इस हमले का प्रमुख साजिशकर्ता माना था। इसके बाद भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने वर्ष 2022 में उसे यूएपीए (UAPA) के तहत आतंकवादी घोषित कर दिया था।
पहलगाम समेत कई आतंकी साजिशों में था शामिल
हमजा बुरहान केवल पुलवामा हमले तक सीमित नहीं था, बल्कि वह कश्मीर घाटी के पहलगाम और दक्षिण कश्मीर के अन्य इलाकों में आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने में भी सक्रिय बताया जाता था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वह सीमा पार बैठकर आतंक फैलाने और आतंकवाद को आर्थिक मदद पहुंचाने का काम कर रहा था।
अब PoK में उसकी हत्या के बाद आतंकवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और इसे भारत की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।