सुल्तानगंज को मिलेगा नया एप्रोच रोड, ‘अजगैबीनाथ धाम’ नामकरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में

Sultanganj to get new approach road, process of naming 'Ajaibinath Dham' in final stage

भागलपुर (बिहार): बिहार सरकार ने भागलपुर जिले के Sultanganj और यहां स्थित प्रमुख धार्मिक स्थल Ajgaibinath Temple से जुड़े श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी दी है। नगर सभापति राजकुमार गुड्डू के अनुसार, बिहार के उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने आश्वासन दिया है कि निर्माणाधीन अगुवानी-अजगैबीनाथ धाम गंगा पुल से एक विशेष शहरी एप्रोच रोड बनाया जाएगा। इसका निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की संभावना है।

नगर सभापति ने बताया कि यह एप्रोच रोड सुल्तानगंज शहर के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। अब तक मुख्य पुल से मंदिर तक पहुंचने में श्रद्धालुओं को भीड़ और संकरी सड़कों के कारण काफी परेशानी होती थी, खासकर सावन में आयोजित होने वाले मेले के दौरान। नए मार्ग के निर्माण से आवागमन सुगम और सुरक्षित हो जाएगा।

शहर के नाम परिवर्तन की प्रक्रिया तेज
सुल्तानगंज शहर का नाम बदलकर ‘अजगैबीनाथ धाम’ करने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। नगर परिषद ने 19 जून 2024 को अपनी बैठक में प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार को भेज दिया था। राज्य और केंद्र सरकार स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। नाम परिवर्तन लागू होने के बाद शहर और रेलवे स्टेशन सहित प्रमुख स्थलों पर ‘अजगैबीनाथ धाम’ नाम प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे धार्मिक पहचान और मजबूत होगी।

श्रावणी मेले की भव्य तैयारी
विश्व प्रसिद्ध Shravani Mela को लेकर भी सरकार ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। सावन महीने में लाखों श्रद्धालु उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर देवघर की ओर प्रस्थान करते हैं। इसे देखते हुए सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए आवास, पार्किंग, स्वच्छता व्यवस्था, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की योजना बनाई गई है। गंगा घाटों और मंदिर तक जाने वाले मार्गों का चौड़ीकरण और मरम्मत भी की जाएगी ताकि भीड़ के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
नगर सभापति ने कहा कि नए एप्रोच रोड और नाम परिवर्तन से सुल्तानगंज का धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व बढ़ेगा। इससे स्थानीय व्यापारियों और पर्यटन उद्योग को भी लाभ मिलेगा। तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

उपमुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि सरकार सुल्तानगंज को धार्मिक पर्यटन के मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। आने वाले समय में यहां और भी विकास परियोजनाएं लाई जाएंगी, जिससे यह नगर बिहार के प्रमुख धार्मिक केंद्रों में अपनी अलग पहचान स्थापित कर सकेगा।

नए एप्रोच रोड, नाम परिवर्तन और सुव्यवस्थित श्रावणी मेले की तैयारियों को लेकर स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं में उत्साह देखा जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार का मेला पहले से अधिक भव्य और सुव्यवस्थित होगा।

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