वाल्मीकिनगर: माघ माह की मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर वाल्मीकिनगर स्थित त्रिवेणी संगम में लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। ब्रह्म मुहूर्त से ही नारायणी गंडक के पवित्र जल में स्नान के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु, शिव और सूर्य देव की पूजा-अर्चना कर दान-पुण्य किया और आत्मिक शुद्धि का संकल्प लिया। त्रिवेणी संगम का धार्मिक महत्व गंडक, तमसा और सोनभद्र नदियों के मिलन स्थल के रूप में प्रसिद्ध त्रिवेणी संगम को उत्तर भारत का दूसरा सबसे बड़ा संगम स्थल माना जाता है।…
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