लिव-इन रिलेशनशिप पर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, सहमति से बने संबंध टूटने पर रेप नहीं

Supreme Court's Significant Observation on Live-in Relationships: No Rape Charge if Consensual Relationship Breaks Down

नई दिल्ली: लिव-इन रिलेशनशिप और उसमें सहमति से बने शारीरिक संबंधों को लेकर Supreme Court of India ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि कोई कपल बिना शादी के अपनी मर्जी से लंबे समय तक साथ रहता है और बाद में उनका रिश्ता खत्म हो जाता है, तो इसे रेप का मामला नहीं माना जा सकता। यह टिप्पणी Justice B. V. Nagarathna की बेंच ने उस याचिका पर सुनवाई के दौरान की, जिसमें एक महिला ने शादी का झांसा देकर रेप का आरोप लगाया था। मामले…

Read More

उत्तराखंड में लिव-इन रिलेशनशिप के लिए नए नियम: मकान मालिकों पर जुर्माना, पंजीकरण अनिवार्य

New rules for live-in relationships in Uttarakhand: Fine on landlords, registration mandatory

देहरादून: उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने के बाद शादी के साथ-साथ लिव-इन रिलेशनशिप के संबंध में भी कई नए नियम लागू हो गए हैं। अब लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है और मकान मालिकों को भी किराए के अनुबंध को अंतिम रूप देने से पहले लिव-इन प्रमाणपत्र की जांच करनी होगी। प्रमाणपत्र की अनदेखी करने वाले मकान मालिकों पर 20,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। क्या हैं नए नियम उत्तराखंड में अब लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों…

Read More