उमाशंकर सिंह “यमपुत्र” एक सामाजिक और विचारोत्तेजक नाटक है, जो हिंदू समाज में अंतिम संस्कार करने वाले ब्राह्मणों, जिन्हें “कण्टाहा” या “महापात्र” के रूप में जाना जाता है, के जीवन, सम्मान और सामाजिक स्थिति पर गहरे सवाल उठाता है। यह नाटक न केवल मनोरंजन करता है, बल्कि समाज की उन गहरी जड़ों को उजागर करता है, जहां परंपराएं, सामाजिक भेदभाव और मानवीय संवेदनाएं आपस में टकराती हैं। “यमपुत्र” नाटक का केंद्रीय विषय यमपुत्र, यानी अंतिम संस्कार करने वाले ब्राह्मणों की सामाजिक स्थिति और उनके प्रति समाज का व्यवहार है। हिंदू…
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