वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत को व्यापार और निवेश बढ़ाने के लिए द्विपक्षीय संबंधों को प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने यह भी जोर दिया कि बहुपक्षीय संस्थाओं की प्रभावशीलता में कमी आ रही है, जिसके कारण देशों को अब सीधे द्विपक्षीय वार्ता और समझौतों की ओर रुख करना पड़ रहा है। द्विपक्षीय रिश्तों की अहमियत क्यों बढ़ी?सीतारमण ने ‘बीएस मंथन’ कार्यक्रम में कहा कि वर्तमान समय चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन यह भारत के लिए खुद को वैश्विक आर्थिक इंजन बनाने का…
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