डॉ. ममतामयी प्रियदर्शिनी मक्का आज भारत की कृषि अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है। पहले इसे केवल खाद्य सुरक्षा के दृष्टिकोण से देखा जाता था, लेकिन सरकार द्वारा एथेनॉल उत्पादन में इसके उपयोग को बढ़ावा देने के बाद इसकी मांग में जबरदस्त वृद्धि हुई है। कई संगठनों का मानना है कि हमारे देश में मक्के की आपूर्ति और इसकी मांग के बीच एक खाई बढती जा रही है जिसके कारण हमें विदेशो से मक्का आयात करने की नौबत आन पड़ी है | इसी बीच, कई विदेशी कम्पनियां और…
Read MoreTag: Maize farmers’ struggle in India
मक्का की धरती पर बहुराष्ट्रीय कंपनियों का साया – खतरे में अन्नदाता!
डॉ. ममतामयी प्रियदर्शिनी भारत सरकार 2025-26 तक पेट्रोल में वर्तमान के 13% से 20% एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य लेकर चल रही है। इस नीति के तहत मक्का (कॉर्न) इथेनॉल उत्पादन के लिए मुख्य फसल बन गया है। एथेनॉल डिस्टिलरीज़ की बढ़ती मांग ने मक्के की घरेलू मांग को बढ़ा दिया है, जिससे इसकी कीमतें आसमान छू रही हैं। मक्के की बढ़ती मांग ने पारंपरिक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित कर दिया है। परिणामस्वरूप, भारत जो कभी मक्के का बड़ा निर्यातक था, अब आयातक बन गया है। 2024 में, मक्के का निर्यात…
Read More