सरकारी आवास विवाद पर तेज प्रताप यादव का पलटवार, बोले— आरोप बेबुनियाद, “हम छोटा काम नहीं करते”

Tej Pratap Yadav hits back at government residence controversy, says allegations are baseless, "We don't engage in petty matters."

जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने सरकारी आवास से सामान गायब होने को लेकर मंत्री लखेंद्र पासवान द्वारा लगाए गए आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। तेज प्रताप ने साफ कहा कि सरकारी बंगले से किसी भी तरह का सामान ले जाने का आरोप पूरी तरह निराधार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधायक रहते उन्हें जो आवास मिला था, उसमें लगे एसी, पंखे और अन्य सुविधाएं उन्होंने अपने निजी खर्च से लगवाई थीं, ऐसे में किसी सामान को हटाने का सवाल ही नहीं उठता। तेज प्रताप ने कहा, “हम ऐसा छोटा काम नहीं करते।”

“बिना जानकारी लगाए जा रहे हैं आरोप”
तेज प्रताप यादव ने मंत्री लखेंद्र पासवान पर तंज कसते हुए कहा कि वे बिना पूरी जानकारी के आरोप लगा रहे हैं, सिर्फ चर्चा में बने रहने के लिए मीडिया में बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा, “नए-नए मंत्री बने हैं, सोच रहे हैं कि स्वर्ग मिल जाएगा। संयम रखें और सत्ता का गलत इस्तेमाल न करें।”

तेज प्रताप ने कहा कि जिस आवास को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, वहां जब वे रहने पहुंचे थे, तब कोई सुविधा मौजूद नहीं थी। “एसी और पंखे मेरे अपने पैसों से खरीदे गए थे। इतना सामान हम खुद लेकर गए थे। अगर सरकारी सामान गायब हुआ होता तो भवन निर्माण विभाग या जेई ने नोटिस क्यों नहीं जारी किया?” उन्होंने दोहराया कि सारा सामान उनका निजी था।

उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि वे मंत्री लखेंद्र पासवान को दही-चूड़ा भोज में भी बुला चुके थे, लेकिन वे नहीं आए। “शायद मोदी जी की तरह बहुत व्यस्त होंगे,” उन्होंने तंज कसा। तेज प्रताप ने आरोप लगाया कि बिहार में अपराध लगातार बढ़ रहा है, लेकिन मंत्री को नीट छात्रा जैसे गंभीर मामलों की चिंता नहीं है, बल्कि उन्हें इस बात की फिक्र है कि बल्ब और पंखा कौन ले गया।

“अपराध छोड़ बल्ब-पंखे पर हंगामा”
तेज प्रताप यादव ने कहा कि पटना के 26 एम, स्ट्रैंड रोड स्थित यह सरकारी आवास जर्जर हालत में था। “वह घर नर्क जैसा था, जिसे मैंने अपने पैसे से ठीक कराया। अंग्रेजों के जमाने का घर है, जहां छत तक गिरती थी।” उन्होंने सवाल उठाया कि यदि वास्तव में कोई सामान हटाया गया होता, तो संबंधित विभाग ने अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की।

उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में अपराधियों का तांडव, नीट छात्रा के साथ हुई घटना जैसे मुद्दों को छोड़कर सरकार का ध्यान गैरजरूरी विवादों पर है। “यह सब सिर्फ टीआरपी के लिए किया जा रहा है,” उन्होंने कहा। साथ ही दावा किया कि लखेंद्र पासवान के पास सीमित जनसमर्थन है और वे बेवजह विवाद खड़ा कर रहे हैं।

पाकिस्तान और बजट पर भी प्रतिक्रिया
टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ खेलने से पाकिस्तान के इनकार पर तेज प्रताप यादव ने कहा कि पाकिस्तान भारत से डर गया है। उन्होंने कहा कि सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देश आज भारत से डरते हैं और पाकिस्तान को हार का अंदेशा था, इसलिए उसने मैच खेलने से मना कर दिया।

केंद्रीय बजट 2026 पर प्रतिक्रिया देते हुए तेज प्रताप ने कहा कि केंद्र सरकार ने बजट सोच-समझकर पेश किया होगा, लेकिन अगर उसमें कोई कमी है तो उसे दूर किया जाना चाहिए। वहीं नीट छात्रा मामले पर उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच बहुत पहले हो जानी चाहिए थी। देर से जांच शुरू होने पर सवाल उठते हैं, हालांकि अब जांच से सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

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