पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों से महज 12 घंटे पहले महागठबंधन ने एकजुटता का संदेश देते हुए बड़ी बैठक की। तेजस्वी यादव की अगुवाई में हुई इस बैठक में कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु, वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी, भाकपा माले महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य समेत गठबंधन के प्रमुख नेता शामिल हुए। बैठक का मकसद मतगणना की रणनीति को अंतिम रूप देना था।
बैठक के बाद गुरुवार शाम पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव ने मतगणना अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “2020 वाली गलती दोहराई गई तो करारा जवाब मिलेगा।” तेजस्वी ने स्पष्ट किया कि जो अधिकारी ईमानदारी से काम करेंगे, उन्हें डरने की जरूरत नहीं, लेकिन “किसी के इशारे पर लिमिट पार करने वाले अफसरों को सोचना पड़ेगा।”
तेजस्वी ने दावा किया कि महागठबंधन भारी बहुमत से जीत रहा है और बिहार की जनता ने बदलाव के लिए वोट दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पटना और दिल्ली से अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है – मतगणना धीमी करने, एनडीए की जीत जल्दी घोषित करने और महागठबंधन की बढ़त पर रिजल्ट रोकने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, “पिछली बार क्या हुआ, सब जानते हैं। इसलिए अपील है – निष्पक्ष मतगणना करें। बिहार की जनता के साथ अन्याय न करें।” तेजस्वी ने प्रोपगेंडा के खिलाफ भी हमला बोला और कहा कि भाजपा डरी हुई है क्योंकि उनकी सरकार जा रही है।
महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के दावेदार तेजस्वी ने जनता से न्याय की अपील करते हुए अधिकारियों से संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने को कहा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद सभी नेताओं ने एक स्वर में मतगणना की निष्पक्षता पर जोर दिया।