‘अन्य देशों के लिए प्रतिस्पर्धा करने का समय’: उदय कोटक ने चीनी AI ब्रांड डीपसीक की सफलता पर की टिप्पणी

‘Time for other countries to compete’: Uday Kotak comments on success of Chinese AI brand DeepSeek

कोटक बैंक के संस्थापक उदय कोटक ने चीन के AI मॉडल, डीपसीक की सफलता पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिसने ऐप स्टोर में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने अन्य देशों से प्रतिस्पर्धा करने का आह्वान किया और वैश्विक तकनीकी नवाचार की आवश्यकता पर जोर दिया।

डीपसीक की सफलता पर उदय कोटक की प्रतिक्रिया
चीन का AI मॉडल डीपसीक V3, जो कुछ ही दिनों में एक तकनीकी घटना बन गया है, ने ऐप स्टोर पर चैटजीपीटी जैसे बड़े नामों को पछाड़ते हुए #1 स्थान प्राप्त किया है। उदय कोटक ने इसे एक संकेत के रूप में देखा कि अन्य देशों को अपने खेल को बेहतर बनाने की आवश्यकता है।

कोटक ने ट्वीट करते हुए कहा, “AI दुनिया में अमेरिकी वर्चस्व को चुनौती देने के लिए चीन डीपसीक के साथ वैश्विक तकनीकी दौड़ को तेज़ कर रहा है। यह समय है कि अन्य महत्वाकांक्षी देश भी इस खेल में आगे आएं।”

DeepSeek क्या है?
DeepSeek कोई सामान्य AI कंपनी नहीं है, बल्कि यह OpenAI जैसे प्रमुख टूल्स का गंभीर प्रतियोगी है।
इसे गणित और कोडिंग जैसे जटिल कार्यों को हल करने के लिए सराहा जा रहा है, और यह कम लागत में काम करता है।
इसके छोटे संस्करण ओपन-सोर्स हैं, जिससे दुनिया भर के डेवलपर्स और शोधकर्ता इसे इस्तेमाल कर सकते हैं।
DeepSeek का ऐप स्टोर के शीर्ष पर उभरना चीन के बढ़ते AI प्रभाव को दर्शाता है, खासकर जब चीनी कंपनियों को अमेरिकी निर्यात प्रतिबंधों जैसी बाधाओं का सामना करना पड़ता है।

Yann LeCun का दृष्टिकोण
Meta के प्रमुख AI वैज्ञानिक, Yann LeCun ने X (पूर्व में Twitter) पर अपनी राय साझा की, और कहा कि DeepSeek के प्रदर्शन को लेकर यह मानना गलत है कि चीन AI में अमेरिका से आगे निकल रहा है।

लेकुन ने स्पष्ट किया कि “ओपन-सोर्स मॉडल मालिकाना मॉडल से आगे निकल रहे हैं”।
उन्होंने DeepSeek की प्रशंसा की, जो Meta की ओपन-सोर्स तकनीकों जैसे पायटॉर्च और एलएलएएमए पर आधारित है, और इस पर जोर दिया कि ओपन रिसर्च से एआई समुदाय को लाभ होता है।

नील खोसला का संदिग्ध दृष्टिकोण
कूराई के सीईओ नील खोसला ने DeepSeek की सफलता को लेकर एक संदेहास्पद दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने इसे एक भू-राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बताया, जिसमें चीन अमेरिकी AI प्रतिस्पर्धात्मकता को नुकसान पहुंचाने के लिए लागत कम रखने का दिखावा कर रहा है।

खोसला का मानना था कि “DeepSeek अमेरिकी एआई को लाभहीन बनाने के लिए सीसीपी राज्य का मनोवैज्ञानिक और आर्थिक युद्ध है”।
हालांकि, उनके ट्वीट को एक सामुदायिक नोट ने चुनौती दी, जिसमें बताया गया कि उनके दावे के लिए कोई प्रमाण नहीं था और यह भी कि उनके पिता विनोद खोसला OpenAI में निवेशक हैं, जिससे उनके इरादों पर सवाल उठते हैं।

निष्कर्ष
उदय कोटक ने चीन के डीपसीक के उभरने को वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा में एक नया मोड़ माना है और अन्य देशों से प्रतिस्पर्धा करने का आह्वान किया है।
इसके साथ ही, DeepSeek के विभिन्न दृष्टिकोणों के बीच चर्चा जारी है, जिसमें ओपन-सोर्स मॉडल्स और भू-राजनीतिक पहलू पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

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