वैशाली (चौथी वाणी)। सराय थाना में पदस्थापित सिपाही अमिता बच्चन की 16 अक्टूबर 2023 को अपराधियों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बैंक लूट की योजना बना रहे बदमाशों ने पुलिस की कार्रवाई के दौरान फायरिंग की, जिसमें सिपाही अमिता बच्चन को चार गोलियां लगीं और वे शहीद हो गए थे। इस जघन्य घटना के तीन घंटे के भीतर ही बिहार पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भाग रहे दो अपराधियों का एनकाउंटर कर उन्हें ढेर कर दिया था।
घटना सराय थाना क्षेत्र के सराय बाजार की है, जहां यूको बैंक को लूटने की नीयत से तीन बदमाश मोटरसाइकिल से पहुंचे थे। पुलिस वाहन के पहुंचते ही बदमाश बाइक छोड़कर भागने लगे। पीछा करने पर पुलिस ने दो अपराधियों को पकड़ लिया, लेकिन इसी दौरान एक बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। फायरिंग में सिपाही अमिता बच्चन शहीद हो गए। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। बाद में पकड़े गए दोनों अपराधियों—बिट्टू और जयप्रकाश—ने रास्ते में पुलिस से बचकर भागने की कोशिश की, जिस पर घोषवर गांव के पास एनकाउंटर में वे घायल हुए और हाजीपुर सदर अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
शहीद सिपाही अमिता बच्चन की स्मृति में सराय थाना परिसर में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया। कार्यक्रम में बिहार के डीजीपी विनय कुमार तथा डीआईजी जयंत कांत ने प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर डीजीपी विनय कुमार ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि शहीद अमिता बच्चन जैसे “रियल हीरो” से प्रेरणा लेने की जरूरत है। उन्होंने पुलिसकर्मियों से सोशल मीडिया पर रील बनाने के बजाय अपराध नियंत्रण और जनता की सेवा पर ध्यान देने का आह्वान किया तथा अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
मीडिया से बातचीत में डीजीपी ने कहा कि पुलिस को जनता के बीच अधिक सक्रिय और दृश्यमान रहना चाहिए, इससे अपराधियों में भय पैदा होता है। उन्होंने सराय थाना और पुलिस–पब्लिक मंच के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे बिहार के लिए एक मिसाल बताया और अन्य जिलों में भी ऐसे साझा मंच विकसित करने की पहल की बात कही।
कार्यक्रम में डीआईजी जयंत कांत, हाजीपुर सदर सीडीपीओ सुबोध कुमार, लालगंज एसडीपीओ गोपाल मंडल, साइबर डीएसपी चांदनी सुमन, लालगंज थाना अध्यक्ष संतोष कुमार, महुआ सीडीपीओ, सराय थाना अध्यक्ष मणिभूषण कुमार, सराय थाना एस. रंजन सहित कई पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही पुलिस–पब्लिक मंच के सदस्यों और समाज के प्रतिनिधियों को डीजीपी द्वारा प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।