नई दिल्ली: पश्चिमी दिल्ली में बीते तीन दिनों से कई स्कूलों और कॉलेजों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल मिलने के मामले में द्वारका जिला पुलिस ने एक 12 वर्षीय बच्चे की पहचान की है। जांच में सामने आया है कि बच्चा स्कूल नहीं जाना चाहता था, इसलिए उसने ई-मेल के जरिए धमकी देकर स्कूल बंद कराने की कोशिश की।
सूत्रों के मुताबिक, यह घटना उस समय हुई जब बच्चे के माता-पिता घर पर नहीं थे। अकेले में मौका मिलते ही उसने अलग-अलग स्कूलों को धमकी भरे मेल भेजे। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि कुल कितने स्कूलों को ई-मेल भेजा गया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस पूरे मामले में बच्चा अकेला था या किसी और ने भी साथ दिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बच्चे की पहचान हो जाने के बाद उसे अभिभावकों की मौजूदगी में हिरासत में लिया गया और फिर काउंसिलिंग के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। चूंकि बच्चा नाबालिग है, इसलिए पुलिस इस मामले में ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं कर रही है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
हाल के वर्षों में स्कूलों को धमकी भरे मेल मिलने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, लेकिन इतनी कम उम्र के बच्चे द्वारा ऐसा कदम उठाना पहली बार सामने आया है।
- जनवरी 2025 में, 12वीं के एक छात्र ने परीक्षा से बचने के लिए स्कूल को बम की धमकी दी थी।
- दिसंबर 2024 में, दिल्ली के कई स्कूलों को एक साथ धमकी भरे मेल मिले थे, जिससे अफरा-तफरी मच गई थी।
हवाई यात्राओं को भी मिलती हैं ऐसी धमकियां
ऐसी धमकियां सिर्फ स्कूलों तक ही सीमित नहीं हैं।
एयरलाइंस को भी समय-समय पर बम की धमकियों वाले ई-मेल मिलते रहे हैं। जांच में यह सामने आया है कि कई बार ये धमकियां भी व्यक्तिगत नाराजगी या पारिवारिक झगड़ों के चलते भेजी जाती हैं।
एक मामले में, व्यक्ति ने इसलिए विमान उड़ाने की धमकी दी थी क्योंकि उसका साला उसी विमान से यात्रा कर रहा था, और वह नहीं चाहता था कि वह उसके घर पहुंचे।
चेतावनी:
इस तरह की हरकतें ना केवल कानूनी अपराध हैं, बल्कि इससे लोगों में भय और अव्यवस्था भी फैलती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।