नई दिल्ली: दिल्ली का नया मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इस पर अब भी पर्दा पड़ा हुआ है. दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे 8 फरवरी को आ गए थे, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) को स्पष्ट बहुमत मिला था. भाजपा विधायक दल की बैठक 17 फरवरी को होनी थी, जिसमें मुख्यमंत्री का चुनाव होना था, लेकिन पार्टी ने इस बैठक को दो दिन के लिए टाल दिया है. अब यह बैठक 19 फरवरी को आयोजित की जाएगी और इस दिन ही मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा. माना जा रहा है कि अगले दिन 20 फरवरी को शपथ ग्रहण समारोह होगा.
बैठक की तारीख में बदलाव
पहले खबर आई थी कि 17 फरवरी को दोपहर 3 बजे भाजपा विधायक दल की बैठक में दिल्ली के नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगनी थी, लेकिन अब सूत्रों के अनुसार यह बैठक 19 फरवरी को होगी. पहले यह भी संभावना जताई जा रही थी कि मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 19 फरवरी को हो सकता है, लेकिन अब यह कार्यक्रम एक दिन आगे बढ़ा दिया गया है और अब 20 फरवरी को आयोजित होगा.
मुख्यमंत्री पद की रेस में ये नाम सबसे आगे
भा.ज.पा. मुख्यमंत्री पद के चुनाव को लेकर हमेशा से चौंकाने वाले फैसलों के लिए जानी जाती है. पार्टी ने मध्यप्रदेश और राजस्थान में नए चेहरों को राज्य की जिम्मेदारी सौंपी थी, और ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि दिल्ली में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल सकता है.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 15 विधायकों के नामों की एक सूची तैयार की गई है, जो मुख्यमंत्री बन सकते हैं. फिलहाल, सीएम की रेस में नई दिल्ली सीट से विधायक प्रवेश वर्मा, दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, रेखा गुप्ता और सतीश उपाध्याय के नाम सबसे आगे चल रहे हैं. इसके अलावा मोहन सिंह बिष्ट, आशीष सूद, शिखा राय और पवन वर्मा के नामों की भी चर्चा हो रही है.
शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी
20 फरवरी को होने वाले शपथ ग्रहण कार्यक्रम की जिम्मेदारी भाजपा के दो राष्ट्रीय महासचिव संभालेंगे. भाजपा महासचिव विनोद तावड़े और तरुण चुग को शपथ ग्रहण कार्यक्रम और रैली का इंचार्ज बनाया गया है. सभी 48 नवनिर्वाचित भाजपा विधायक केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में विधायक दल के नेता का चयन करेंगे, जो दिल्ली के अगले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेगा. दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 70 में से 48 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया था.
(इनपुट- आईएएनएस)