अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन पर दी अहम बैठक

Amit Shah held an important meeting on the implementation of three new criminal laws in Jammu and Kashmir

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार, 18 फरवरी को नई दिल्ली में जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में जम्मू-कश्मीर में तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन पर चर्चा की गई। साथ ही, पुलिस, जेल, अदालत, अभियोजन और फोरेंसिक से संबंधित विभिन्न नए प्रावधानों के कार्यान्वयन और वर्तमान स्थिति की समीक्षा भी की गई।

गृह मंत्री अमित शाह ने दिए ये निर्देश
बैठक के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बनाए गए तीन नए आपराधिक कानूनों का अप्रैल 2025 तक जम्मू-कश्मीर में पूर्ण कार्यान्वयन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इन नए कानूनों के तहत त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए।

गृह मंत्री ने कहा कि नए कानूनों के पूर्ण कार्यान्वयन के लिए पुलिसकर्मियों और प्रशासन के रवैये में बदलाव लाना और नागरिकों के बीच इन नए कानूनों के बारे में जागरूकता पैदा करना जरूरी है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों में कमी और सुरक्षा परिदृश्यों में सुधार के बाद पुलिस को नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।

आवश्यक सुधारों पर जोर
अमित शाह ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में “ट्रायल इन एब्सेंटिया” के प्रावधान का तुरंत उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोपपत्र दाखिल करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की आवश्यकता जताई। इसके साथ ही, प्रत्येक थाने को राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली (एनएएफआईएस) का अधिकतम उपयोग करने की सलाह दी। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि नए कानूनों के प्रावधानों के संदर्भ में जांच अधिकारियों का शत-प्रतिशत प्रशिक्षण जल्द ही सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

नए कानूनों का दुरुपयोग रोकने के लिए निगरानी
अमित शाह ने यह भी कहा कि आतंकवाद और संगठित अपराध से संबंधित प्रावधानों पर पुलिस अधीक्षक स्तर पर गहन जांच के बाद ही निर्णय लिया जाना चाहिए और यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी रखी जानी चाहिए कि नए कानूनों के तहत इन प्रावधानों का दुरुपयोग न हो।

नए कानूनों की प्रगति की समीक्षा
गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन और सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद नए आपराधिक कानूनों को लागू करने की दिशा में संतोषजनक काम किया गया है। उन्होंने कहा कि इन कानूनों के कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के स्तर पर मासिक, पाक्षिक और साप्ताहिक आधार पर की जानी चाहिए।

बैठक में शामिल लोग
बैठक में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय गृह सचिव, मुख्य सचिव, जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक, पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (बीपीआरडी) के महानिदेशक, राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के महानिदेशक और गृह मंत्रालय (एमएचए) और यूटी प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

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