पटना: भागलपुर और आरा में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम की छापामारी से हड़कंप मच गया है। भागलपुर के भीखनपुर निवासी नजरे सद्दाम के देशविरोधी ताकतों से जुड़े होने की जानकारी मिलने के बाद बुधवार को दिल्ली और पटना से पहुंची एनआईए की टीम ने इशाकचक थानाक्षेत्र के भीखनपुर स्थित उसके घर पर छापेमारी की।
सद्दाम के परिवार के सदस्यों से पूछताछ
वहीं, बड़ी मस्जिद लेन स्थित सद्दाम के पिता मुहम्मद मसिउज्जमा और अन्य परिवार के सदस्य भी घर पर मौजूद पाए गए, जिनसे एनआईए के अधिकारियों ने अलग-अलग पूछताछ की। तलाशी के दौरान टीम को जाली नोटों के काले कारोबार से जुड़े दस्तावेज और विस्फोटकों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
जाली नोटों और आतंकवादियों से जुड़ी जानकारी
एनआईए की टीम को जाली नोटों के पाकिस्तान से जुड़े एजेंटों और कश्मीर में सक्रिय देशविरोधी संगठनों से तार जुड़ने के कुछ अहम साक्ष्य भी मिले हैं, जिसके बाद छापेमारी की गई। हालांकि, एनआईए के पदाधिकारी फिलहाल इस मामले पर कुछ भी बताने से बच रहे हैं।
भोजपुर जिले में भी छापामारी
वहीं, भोजपुर जिले में बुधवार सुबह केन्द्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने दो अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापामारी की। डीएसपी और इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों के नेतृत्व में आई टीम ने चौरी थाना क्षेत्र के छतरपुरा गांव और सहार थाना के कोरनडिहरी गांव स्थित संदिग्ध घरों में सुबह 6 बजे से छानबीन शुरू कर दी। इस कार्रवाई में स्थानीय पुलिस की भी मदद ली जा रही है।
संदिग्धों के परिवारों पर नजर
छापेमारी में जिन संदिग्धों के घरों को निशाना बनाया गया, वे दोनों रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। एक संदिग्ध के पिता उर्दू विद्यालय में शिक्षक और दूसरे के पिता टोला सेवक के रूप में कार्यरत हैं। एनआईए की टीम इन दोनों के बेटों से पूछताछ कर रही है। पहला संदिग्ध मों नेहाल दिल्ली में रहता है, जबकि दूसरा संदिग्ध मों वारिस पहले से जाली नोटों के मामले में जेल में बंद है।
जाली नोट और आतंकी कनेक्शन पर जांच
यह छापामारी जाली नोटों के रैकेट और आतंकी कनेक्शन दोनों से जोड़ी जा रही है। हालांकि, इस मामले में आए अधिकारी फिलहाल आधिकारिक रूप से कोई जानकारी देने से परहेज कर रहे हैं।