पटना: बिहार विधान परिषद में आज एक बार फिर से सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी भिड़ंत देखने को मिली। इस बार पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आमने-सामने हो गए। हंगामा बढ़ता देख सभापति अपनी सीट से खड़े हो गए और दोनों पक्षों को शांत कराने की कोशिश की।
जब राबड़ी देवी ने विधान परिषद में सवाल उठाया, तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भड़क गए। वे खुद खड़े हो गए और राजद शासनकाल पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा, “पहले महिलाओं की क्या स्थिति थी, वे कितनी पढ़ी-लिखी थीं, हमने महिलाओं के लिए काफी काम किया है।” नीतीश कुमार जब लालू-राबड़ी राज पर हमला बोल रहे थे, तब विपक्षी सदस्य वेल में पहुंच गए। राजद की तरफ से राबड़ी देवी, सुनील सिंह और अन्य सदस्य नीतीश कुमार की सरकार पर जोरदार प्रहार करते हुए नजर आए। राबड़ी देवी ने कहा कि सीएम नीतीश ने महिलाओं का अपमान किया है और यह अपमान लगातार हो रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नीतीश कुमार के कान में कुछ लोग फूंकते रहते हैं, जिसके बाद वह अपमान करते हैं।
शिक्षकों के वतन का मुद्दा भी उठा
विधान परिषद में आज एक और महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया गया, जो बिहार के सरकारी शिक्षकों के वेतन से जुड़ा था। विधान पार्षद संजीव कुमार सिंह ने यह सवाल उठाया कि होली जैसे बड़े त्योहार के बावजूद शिक्षकों का वेतन नहीं दिया गया है। इसके बाद सभापति अवधेश नारायण सिंह ने भी इस पर सहमति जताई और इस मुद्दे को गंभीर बताया।
सदन में कई सदस्यों ने शिक्षकों के वेतन भुगतान की मांग की। सदस्यों ने कहा कि होली और रमजान का त्योहार हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद शिक्षकों को वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने सरकार से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने की अपील की और आग्रह किया कि सरकार को निर्देशित किया जाए कि शिक्षकों का वेतन शीघ्र जारी किया जाए।