नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले को लेकर देशभर में गुस्सा है। इसी बीच, बुधवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा मंत्रालय में एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें देश की शीर्ष सुरक्षा और सैन्य नेतृत्व ने हिस्सा लिया।
बैठक में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी शामिल हुए। इस महत्वपूर्ण बैठक में जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा हुई।
“दुनिया देखेगी, मिलेगा करारा जवाब”
बैठक के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस हमले का जोरदार और ऐसा जवाब दिया जाएगा, जिसे पूरी दुनिया देखेगी। उन्होंने कहा, “किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। भारत न तो डरता है और न ही झुकता है। हमारी सभ्यता हजारों साल पुरानी है, और कोई भी आतंकी गतिविधि हमें झुका नहीं सकती।”
रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि जो इस हमले के जिम्मेदार हैं, उन्हें जल्द ही उनके किए की सजा मिलेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि भारत हर हाल में अपनी जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, आतंकियों की तलाश तेज
बैठक में पहलगाम और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए। सैनिकों की तैनाती बढ़ाई जा रही है और हमलावरों को पकड़ने के लिए अभियान तेज कर दिया गया है।
हमले के एक दिन पहले, मंगलवार को ही राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया में लिखा था कि वह पहलगाम में हुए कायराना हमले से बेहद व्यथित हैं। उन्होंने मासूम नागरिकों और उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की थी।