पटना: बहुचर्चित पारस अस्पताल हत्याकांड ने एक बार फिर बिहार की कानून-व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। अब इस सनसनीखेज मामले में नया खुलासा हुआ है कि हत्या में पांच नहीं, बल्कि छह अपराधी शामिल थे। पुलिस ने सभी आरोपियों की पहचान कर ली है और मुख्य साजिशकर्ता तौसीफ उर्फ बादशाह को गिरफ्तार कर लिया गया है।
यह घटना गैंगवार और सुपारी किलिंग से जुड़ी बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, तौसीफ फुलवारी शरीफ में जमीन का कारोबारी है और उसी ने इस पूरी साजिश को अंजाम देने की योजना बनाई थी।
23 सेकेंड में साजिश, अस्पताल में शूटआउट
हत्या की यह वारदात 23 सेकेंड में अंजाम दी गई। पांच शूटर हथियार लेकर अस्पताल के अंदर घुसे और पैरोल पर इलाज के लिए भर्ती चंदन मिश्रा पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि अपराधी पिस्टल लहराते हुए सीधे चंदन के कमरे में घुसे और गोली मारकर फरार हो गए।
वहीं, छठा अपराधी हेलमेट और मास्क लगाए अस्पताल के बाहर खड़ा होकर रेकी करता रहा। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी अपराधी दो बाइकों पर तीन-तीन की संख्या में सवार होकर भाग निकले।
चंदन मिश्रा था कुख्यात अपराधी
चंदन मिश्रा, बक्सर जिले का रहने वाला था और हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। उसके खिलाफ 24 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। पुलिस को शक है कि यह हत्या चंदन-शेरू गैंग और उसके दुश्मन गैंग के बीच चली आ रही रंजिश का नतीजा है।
छापेमारी तेज, विपक्ष का सरकार पर हमला
पटना पुलिस और एसटीएफ की टीमों ने छापेमारी तेज कर दी है और बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी है। इस वारदात ने एक बार फिर बिहार की गिरती कानून-व्यवस्था को उजागर कर दिया है। घटना के बाद विपक्ष ने नीतीश सरकार को आड़े हाथों लिया है और राज्य में बढ़ते अपराधों पर सवाल खड़े किए हैं।
यह हत्याकांड जहां पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है, वहीं आम जनता में भी भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।