सीतामढ़ी (बिहार): गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को बिहार के सीतामढ़ी में माता सीता की जन्मस्थली पुनौरा धाम में भव्य जानकी मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया। इस ऐतिहासिक क्षण पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मौजूद रहे। यह मंदिर अयोध्या के श्रीराम मंदिर की तर्ज पर बनाया जाएगा और सीतामढ़ी को एक प्रमुख धार्मिक नगरी के रूप में विकसित करेगा।
₹882.87 करोड़ की भव्य योजना को स्वीकृति
बिहार सरकार ने जानकी मंदिर परिसर के निर्माण के लिए ₹882 करोड़ 87 लाख की विशाल परियोजना को मंजूरी दी है। इस मंदिर के निर्माण से यह स्थान श्रद्धा और सांस्कृतिक विरासत का एक प्रमुख केंद्र बन जाएगा।
देशभर से साधु-संत हुए शामिल
भूमि पूजन समारोह में अयोध्या, काशी, जनकपुर और दक्षिण भारत से आए संत-महात्माओं की उपस्थिति ने आयोजन को अत्यंत दिव्य और भव्य बना दिया। पूरे क्षेत्र में “जय सियाराम” के गगनभेदी उद्घोष गूंजते रहे और वातावरण भक्तिरस से सराबोर रहा।
पुनौरा धाम को मिला नया स्वरूप
पुनौरा धाम को इस अवसर पर दुल्हन की तरह सजाया गया। भूमि पूजन के लिए खासतौर पर:
- जयपुर से चांदी का कलश,
- दिल्ली से चांदी की विशेष पूजन सामग्री,
- देश के 21 तीर्थों की मिट्टी,
- और 31 नदियों का पवित्र जल मंगवाया गया था।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
यह मंदिर परियोजना न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे स्थानीय विकास, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। सरकार का लक्ष्य है कि सीतामढ़ी को अयोध्या और काशी जैसी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान मिले।
निष्कर्ष:
जानकी मंदिर के भूमि पूजन के साथ सीतामढ़ी अब एक नए धार्मिक युग की ओर अग्रसर है। यह परियोजना माता सीता की जन्मस्थली को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।