- उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा एवं डीएम मिथिलेश मिश्र ने दीप प्रज्वलित कर किया उद्घाटन
- मशहूर लोग गायक मनोज तिवारी के गीतों से झूम उठे जिलेवासी
- रिपोर्ट: सरफ़राज़ आलम
लखीसराय: लखीसराय में ‘अमृत लक्खी महोत्सव’ का शुभारंभ हुआ । इस दो दिवसीय महोत्सव की शुरुआत बिहार के माननीय उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं द्वारा कल्पवास प्रक्षेत्र सिमरिया7 धाम(बेगूसराय) में प्रातःकालीन गंगा स्नान के साथ हुई । गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं की टोली ने जल भरकर बाबा इन्द्रदमनेश्वर महादेव की स्थली अशोक धाम(लखीसराय) तक की यात्रा की । ।अशोक धाम में श्रद्धालुओं ने सामूहिक पूजा-अर्चना और जलाभिषेक किया ।इस यात्रा में बेगूसराय के विधायक कुंदन कुमार और विधान पार्षद सर्वेश कुमार ने भी भाग लिया ।
कार्यक्रम के दूसरे हिस्से में महाआरती तथा लखीसराय के के. आर.के मैदान में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध गायक-अभिनेता एवं लोकसभा सांसद मनोज तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए ।
इस दौरान श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि ‘अमृत लक्खी महोत्सव’ महज एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह अस्मिता और विरासत की वंदना है । सिमरिया धाम हजारों वर्षों से कल्पवास की तपस्थली रही है और लखीसराय का सीधा जुड़ाव माता लक्ष्मी से रहा है । इसलिए इन दोनों स्थानों की महिमा और गरिमा एक-दूसरे जुड़ी हुई है । इस आयोजन के लिए अनंत चतुर्दशी से बेहतर कोई दिन नहीं हो सकता । क्योंकि यह दिन समुद्र मंथन की पूर्णाहुति का द्योतक है । इसी दिन अमृत-विष, सत्व-तमस और सुर-असुर के द्वंद्व का ज्ञान सृष्टि को मिला था । इसीलिए अनंत चतुर्दशी से ही सनातन परंपरा में उत्सव और त्योहारों के चक्र की शुरुआत भी होती है।

श्री सिन्हा ने कहा कि आज की परिस्थितियों में भी अमृत लक्खी महोत्सव का व्यापक महत्त्व है । यह महत्त्व हमें यह बोध कराता है कि हम प्रगति के क्रम में परंपरा को न भूलें । क्योंकि विरासत की नींव पर टिका विकास ही सतत और स्थायी होगा!इसीलिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विरासत के साथ विकास को साधने के प्रयास में निरंतर जुटे हैं । इन दोनों नेताओं के नेतृत्व में श्री राम मंदिर के साथ मां जानकी मंदिर का पुनर्विकास इसी की निशानी है । यह आस्था के साथ आर्थिक विकास एक सुंदर उदाहरण है । हमें भी लखीसराय को इसी तर्ज पर उल्लेखनीय इलाका बनाना है । जहाँ परम्परा से जुड़े स्थान पर्यटन के केंद्र बनें और उत्सव उद्यमिता को बढ़ावा दे । हमारा संकल्प है कि अमृत लक्खी महोत्सव की लोकप्रियता आने वाले दिनों में इतनी बढ़े की यह राजकीय महोत्सव से राष्ट्रीय धरोहर का अंग बन सके।

श्री सिन्हा ने कहा कि आज बिहार उस मुहाने पर खड़ा है जहां हम सभी को मिलकर समाज में मौजूद अमृत और विष, सदाचार और कदाचार तथा भले और बुरे के द्वंद्व को समझना होगा । अब रफ्तार पकड़ चुके बिहार को दुबारा आतंक, अराजकता और अंधेरे की ओर मोड़ने पर आमादा शक्तियों के हाथों जाने से हर कीमत पर बचाना है । तभी हम बिहार की पहचान विकसित और गौरवशाली राज्य के रूप स्थापित कर पाएं!