दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। इस दौरान हुई पत्थरबाजी की घटना को लेकर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है और करीब 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बुधवार सुबह इसकी पुष्टि की।
पुलिस के मुताबिक, तुर्कमान गेट के पास स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। यहां देर रात नगर निगम (एमसीडी) की ओर से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया था। पत्थरबाजी के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और बॉडी कैमरा रिकॉर्डिंग के जरिए आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है।
इस संबंध में डीसीपी निधिन वालसन ने बताया कि कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों से बातचीत की गई थी और उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश भी दिखाए गए थे। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग मौके से लौट गए थे, लेकिन कुछ लोग बाद में वापस आए और उन्होंने पथराव किया।
वहीं, बुलडोजर कार्रवाई पर डिप्टी कमिश्नर विवेक अग्रवाल ने कहा कि करीब 85 प्रतिशत डिमोलिशन का काम पूरा हो चुका है। एक छोटा सा ढांचा अभी बचा हुआ है। उन्होंने बताया कि रात में भी इसे गिराया जा सकता है, लेकिन भारी मात्रा में मलबा जमा होने के कारण मशीनें वहां तक नहीं पहुंच पा रही थीं। मलबा हटते ही शेष ढांचे को भी ध्वस्त कर दिया जाएगा।
इस बीच, देर रात हुई बुलडोजर कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए एक स्थानीय दुकानदार ने कहा कि वह लंबे समय से दरगाह फैज-ए-इलाही पर नारियल पानी बेचने का काम कर रहा है। उसने कहा, “मैं और मेरी पत्नी यहां नारियल पानी बेचते हैं। सरकार जो कर रही है, वह सही है। यहां होने वाली हर शादी से बीस-पच्चीस रुपए वसूले जाते थे, लेकिन यह पैसा न मस्जिद में जाता था, न मदरसे में और न ही आश्रम में। सरकार को जांच करनी चाहिए कि यह पैसा आखिर जाता कहां था।”