मोतिहारी शराब तस्करी का नया तरीका: किराए का पति, बच्चा और लग्जरी कार… फैमिली बनकर ले जा रहे थे शराब की खेप, ऐसे खुला राज

New liquor smuggling tactic in Motihari Hired husband, child, and luxury car... transporting a liquor consignment while posing as a family; here is how the scheme was exposed.

मोतिहारी : बिहार के मोतिहारी में शराब तस्करी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। शराब तस्करों ने पुलिस और उत्पाद विभाग को चकमा देने के लिए एक नई तरकीब अपनाई थी। एक महिला, एक पुरुष और एक बच्चे को साथ रखकर ऐसा दिखाया जा रहा था जैसे वे एक सामान्य परिवार हों, लेकिन जांच में सामने आया कि यह पूरा सेटअप शराब की तस्करी के लिए तैयार किया गया था।

उत्पाद विभाग की टीम ने जब लग्जरी कार की जांच की तो कथित तौर पर उसमें छिपाकर रखी गई शराब बरामद हुई। इसके बाद इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।

फैमिली बनकर कर रहे थे शराब की तस्करी

जानकारी के मुताबिक मामला पूर्वी चंपारण जिले के कोटवा इलाके का है। अधिकारियों को सूचना मिली थी कि एक लग्जरी कार से शराब की खेप बिहार लाई जा रही है। सूचना के आधार पर उत्पाद विभाग की टीम ने वाहन जांच शुरू की। जब कार को रोका गया तो उसमें एक महिला, एक पुरुष और एक बच्चा मौजूद था। पहली नजर में यह एक सामान्य परिवार जैसा लग रहा था, लेकिन टीम को शक हुआ और कार की गहन जांच की गई।

कार में बनाए गए गुप्त हिस्से से मिली शराब

जांच के दौरान कार के अंदर एक विशेष जगह पर छिपाकर रखी गई शराब बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, तस्करों ने शराब छिपाने के लिए कार में बदलाव किया था ताकि सामान्य जांच में यह पकड़ में न आए। इसके बाद कार में सवार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।

पूछताछ में सामने आई चौंकाने वाली कहानी

जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि साथ मौजूद पुरुष महिला का असली पति नहीं था। पुलिस के अनुसार, उसे तस्करी के लिए किराए पर साथ लाया गया था ताकि रास्ते में शक न हो और वे एक परिवार की तरह नजर आएं। जांच में यह भी सामने आया कि बच्चे को भी इसी मकसद से साथ रखा गया था ताकि पूरा सफर सामान्य पारिवारिक यात्रा जैसा दिखाई दे।

यूपी से बिहार लाई जा रही थी शराब की खेप

पूछताछ में सामने आया कि शराब की खेप उत्तर प्रदेश से बिहार लाने की तैयारी थी। इसे आगे दूसरे स्थान तक पहुंचाने की योजना थी, लेकिन रास्ते में ही उत्पाद विभाग की टीम ने कार्रवाई कर दी। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इस तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसके पीछे का मुख्य संचालक कौन है।

शराबबंदी के बाद तस्कर अपना रहे नए तरीके

बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद अवैध शराब की तस्करी रोकना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। तस्कर लगातार नए तरीके अपनाने की कोशिश करते हैं, लेकिन पुलिस और उत्पाद विभाग भी कार्रवाई तेज कर रहे हैं। मोतिहारी का यह मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि इसमें तस्करी के लिए परिवार जैसा माहौल तैयार करने की कोशिश की गई थी।

आगे की जांच जारी

फिलहाल अधिकारियों की ओर से पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस तरीके से पहले भी कितनी बार तस्करी की गई और इस गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है।

मोतिहारी में सामने आए इस मामले ने दिखा दिया कि शराब तस्कर पुलिस से बचने के लिए नए-नए तरीके आजमा रहे हैं। एक कथित नकली परिवार बनाकर शराब ले जाने की कोशिश का खुलासा उत्पाद विभाग की कार्रवाई से हुआ। अब जांच एजेंसियों की नजर इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने पर है।

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