100 मीटर की दूरी के लिए 90 गाड़ियों का काफिला, बिहार कैबिनेट बैठक पर उठा सवाल

A Convoy of 90 Vehicles for a Distance of 100 Meters: Questions Raised Over Bihar Cabinet Meeting

पटना : प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील के बीच बिहार सरकार की कैबिनेट बैठक को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। बुधवार को मुख्यमंत्री Samrat Choudhary की अध्यक्षता में मुख्य सचिवालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में शामिल होने पहुंचे मंत्रियों के भारी-भरकम काफिले को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है।

जानकारी के मुताबिक, कैबिनेट बैठक में शामिल होने के लिए 32 मंत्रियों ने करीब 90 सरकारी वाहनों का इस्तेमाल किया। जबकि मुख्यमंत्री आवास और मंत्रियों के बंगले मुख्य सचिवालय से महज 100 से 200 मीटर की दूरी पर स्थित हैं। इसके बावजूद सभी मंत्री अलग-अलग गाड़ियों से पहुंचे। कई मंत्रियों के साथ पायलट, एस्कॉर्ट और स्टाफ वाहन भी शामिल थे, जिससे सचिवालय परिसर के बाहर लंबा काफिला नजर आया।

हाल के दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई मंचों से देशवासियों से ईंधन बचाने, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने और छोटी दूरी पैदल तय करने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने को देशहित और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए इसे जनभागीदारी का अभियान बताया था।

इसी बीच बिहार सरकार के मंत्रियों के बड़े काफिले को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं। राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता Shakti Singh Yadav ने कहा कि जब प्रधानमंत्री खुद ईंधन बचाने की अपील कर रहे हैं, तब उनकी सहयोगी सरकार के मंत्री छोटी दूरी तय करने के लिए दर्जनों गाड़ियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने इसे वीआईपी संस्कृति और सरकारी संसाधनों की बर्बादी करार दिया।

सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों ने सचिवालय के बाहर खड़ी गाड़ियों की तस्वीरें और वीडियो साझा करते हुए सरकार से सवाल पूछे हैं। #BiharCabinetFuelWaste और #ModiAppealIgnored जैसे हैशटैग भी चर्चा में बने हुए हैं।

हालांकि सरकार की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक सफाई नहीं दी गई है। भाजपा के एक नेता ने जरूर कहा कि मंत्रियों की आवाजाही सुरक्षा प्रोटोकॉल और निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार हुई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं सरकार की ऊर्जा संरक्षण संबंधी अपीलों और जमीनी व्यवहार के बीच अंतर को उजागर करती हैं। वहीं, बिहार कैबिनेट की बैठक में विकास कार्यों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए, लेकिन 100-200 मीटर की दूरी के लिए इतने बड़े काफिले का इस्तेमाल पूरे घटनाक्रम का सबसे चर्चित मुद्दा बन गया।

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