भोपाल: राज्य में चल रहे ‘इन्वेस्ट मध्यप्रदेश’ वैश्विक निवेशक सम्मेलन के पहले ही दिन देश-विदेश की प्रमुख कंपनियों ने 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। इस सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया, जिसमें अडानी समूह, रिलायंस इंडस्ट्रीज, NTPC, अवादा एनर्जी, टॉरेंट पावर समेत 10 से अधिक कंपनियों ने अपने महत्वाकांक्षी निवेश योजनाओं का ऐलान किया।
अडानी ग्रुप का मेगा निवेश प्लान
गौतम अडानी की अगुवाई वाले अडानी ग्रुप ने 1.10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की घोषणा की है। इस निवेश से राज्य में पंप भंडारण, सीमेंट, खनन, स्मार्ट-मीटर और तापीय ऊर्जा से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा, अडानी ग्रुप राज्य में एक नई स्मार्ट सिटी, एक हवाई अड्डा परियोजना और कोयला-गैसीकरण परियोजना पर भी ध्यान केंद्रित करेगा।
गौतम अडानी ने कहा, “ये निवेश 2030 तक राज्य में 1.20 लाख से अधिक नौकरियों का सृजन करेंगे और मध्यप्रदेश को औद्योगिक एवं आर्थिक रूप से देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करेंगे।”
रिलायंस का जैव ईंधन मिशन
मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 60,000 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। यह निवेश राज्य में जैव ईंधन परियोजनाओं को विकसित करने के लिए किया जाएगा, जिससे स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को नया आयाम मिलेगा।
NTPC की नवीकरणीय ऊर्जा की बड़ी योजना
NTPC के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक गुरदीप सिंह ने घोषणा की कि कंपनी राज्य में 2 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता स्थापित करने के लिए 1.20 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
इसके अलावा, NTPC राज्य में परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के दो स्थलों में 80,000 करोड़ रुपये का निवेश करने पर भी विचार कर रही है।
अवादा एनर्जी और अन्य कंपनियों का योगदान
- अवादा एनर्जी ने 50,000 करोड़ रुपये के निवेश से सौर, पवन और पंप भंडारण परियोजनाओं की घोषणा की।
- टॉरेंट पावर ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में 26,500 करोड़ रुपये का निवेश करने का निर्णय लिया।
- ओपीजी पावर जनरेशन ने 13,400 करोड़ रुपये की लागत से बैटरी स्टोरेज सिस्टम, ग्रीन हाइड्रोजन और हाइब्रिड पावर प्रोजेक्ट्स स्थापित करने का वादा किया।
- सनदेव रिन्यूएबल्स ने 4,330 करोड़ रुपये के निवेश से 750 मेगावॉट का नया डेटा सेंटर स्थापित करने की योजना बनाई है।
मध्यप्रदेश सरकार की रणनीति और भविष्य की योजनाएं
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सम्मेलन में कहा, “राज्य में बड़े उद्योगपतियों का यह विश्वास मध्यप्रदेश की विकास यात्रा को नई गति देगा।” उन्होंने बताया कि सम्मेलन के दूसरे दिन राज्य सरकार कंपनियों द्वारा किए गए निवेश समझौतों की पूरी सूची जारी करेगी, जिससे कुल निवेश का अंतिम आंकड़ा सामने आएगा।
मध्यप्रदेश में यह निवेश राज्य को औद्योगिक, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में एक राष्ट्रीय हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।