पंजाब में गर्भवती महिलाओं के लिए वरदान बने आम आदमी क्लीनिक

Aam Aadmi Clinics have become a boon for pregnant women in Punjab.

चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने गर्भवती महिलाओं की बेहतर देखभाल के लिए आम आदमी क्लीनिकों में व्यापक और सुदृढ़ व्यवस्थाएं लागू की हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में शुरू किए गए ये क्लीनिक अब मातृ स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अहम भूमिका निभा रहे हैं। कस्बों और गांवों में स्थित ये केंद्र गर्भावस्था देखभाल को घर के नजदीक और सुलभ बना रहे हैं।

गांव-गांव तक पहुंची प्रेग्नेंसी केयर
आम आदमी क्लीनिकों में नियमित जांच, आवश्यक टेस्ट और मुफ्त दवाइयों की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे गर्भवती महिलाओं को बार-बार दूरदराज के अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। लंबी दूरी, भीड़भाड़ और बढ़ते खर्च जैसी समस्याओं को कम करने में इन क्लीनिकों की अहम भूमिका है। सरकार का उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं को सरल, सस्ती और तनावमुक्त बनाना है।

जरूरी जांच और मुफ्त इलाज
इन क्लीनिकों में ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, शुगर और थायरॉइड जांच, हीमोग्लोबिन टेस्ट, एचआईवी, सिफिलिस और हेपेटाइटिस जैसी जरूरी स्क्रीनिंग मुफ्त की जा रही है। जरूरत पड़ने पर अल्ट्रासाउंड के लिए रेफरल भी दिया जाता है। गर्भावस्था के दौरान दी जाने वाली दवाइयां भी निःशुल्क उपलब्ध हैं, जिससे परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होता है।

हाई-रिस्क मामलों की समय रहते पहचान
आम आदमी क्लीनिक हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की समय पर पहचान कर महिलाओं को बड़े मेडिकल केंद्रों में रेफर करने का काम भी कर रहे हैं। इससे इमरजेंसी स्थितियों से बचाव संभव हो पा रहा है। डॉक्टर नियमित रूप से स्वास्थ्य की निगरानी करते हैं, ताकि किसी भी जटिलता का शुरुआती स्तर पर पता लगाया जा सके।

मातृ और शिशु सुरक्षा को मिला मजबूती
राज्य सरकार द्वारा विकसित यह प्रणाली मां और बच्चे दोनों की सुरक्षा को मजबूत बना रही है। पहले राज्य में 70 प्रतिशत से कम गर्भवती महिलाएं अपनी पहली जांच के लिए स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंच पाती थीं, जिससे मातृ मृत्यु दर 1 लाख जन्मों पर 90 तक पहुंच गई थी। इस चुनौती से निपटने के लिए सरकार ने आम आदमी क्लीनिकों में मुफ्त और व्यापक प्रेग्नेंसी केयर को प्राथमिकता दी है।

सरकार का मानना है कि प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को घर के नजदीक उपलब्ध कराने से मातृ स्वास्थ्य में सुधार होगा और आने वाले समय में सुरक्षित मातृत्व के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।

ये खबरें भी अवश्य पढ़े

Leave a Comment