नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए निर्मम आतंकी हमले के दोषियों को जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। उन्होंने दो टूक कहा कि भारत कभी भी आतंक के कायराना कृत्यों के सामने नहीं झुकेगा।
अमित शाह ने इस हमले में मारे गए 26 लोगों के परिजनों और घायलों से मुलाकात की। इस दौरान वे भावुक नजर आए और कहा कि, “यह दर्द सिर्फ पीड़ित परिवारों का नहीं, बल्कि हर भारतीय का है। इस त्रासदी को शब्दों में बयां करना संभव नहीं।”
गृह मंत्री ने हमलावरों को चेतावनी देते हुए कहा, “मैं देश और पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाता हूं कि निर्दोषों की हत्या करने वाले इन आतंकियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।”
इससे पहले अमित शाह ने पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) में मृतकों को श्रद्धांजलि दी और उनके ताबूतों पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा, “भारी मन से पहलगाम हमले में मारे गए निर्दोष लोगों को अंतिम विदाई देता हूं।”
हमले के तुरंत बाद अमित शाह मंगलवार रात को ही श्रीनगर पहुंचे थे, जहां उन्होंने उप राज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, और सेना व सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बुधवार सुबह उन्होंने खुद घटनास्थल बायसरन घाटी का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
गौरतलब है कि मंगलवार को आतंकियों ने सेना की वर्दी पहनकर बायसरन घाटी में पर्यटकों पर अंधाधुंध फायरिंग की थी। हमलावरों ने पहले लोगों का धर्म पूछकर पहचान पत्र देखे और फिर हिंदू होने की पुष्टि पर गोलियां बरसाईं। इस भयावह हमले में 26 लोगों की मौत हुई, जिनमें से अधिकांश पर्यटक थे, जबकि दो विदेशी नागरिक और दो स्थानीय लोग भी शामिल थे।
यह बर्बर हमला एक बार फिर आतंक के खिलाफ भारत की एकजुटता और सख्ती की आवश्यकता को रेखांकित करता है।