ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन

Bihar Governor Syed Ata Hasnain will represent India at the funeral of Ayatollah Ali Khamenei in Iran.

नई दिल्ली: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में भारत की ओर से उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल शामिल होगा। इसमें बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

भारत ने भेजा उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल

भारत सरकार ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा को नामित किया है। दोनों नेता तेहरान में आयोजित राजकीय शोक समारोह में भारत की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

भारत-ईरान रिश्तों का अहम संदेश

विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी भारत और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जन-से-जन संबंधों को दर्शाती है। भारत ने इस कदम के जरिए दोनों देशों के मजबूत राजनीतिक और आर्थिक संबंधों को भी रेखांकित किया है।

दुनिया भर के नेताओं की रहेगी मौजूदगी

तेहरान में होने वाले अंतिम संस्कार में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष, मंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। इस आयोजन को वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण कूटनीतिक कार्यक्रम माना जा रहा है, जहां अनेक देशों के प्रतिनिधिमंडल ईरान पहुंच रहे हैं।

कौन हैं सैयद अता हसनैन?

सैयद अता हसनैन भारतीय सेना के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल रह चुके हैं और रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ माने जाते हैं। सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया। रक्षा और कूटनीतिक मामलों में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए इस प्रतिनिधिमंडल में उनकी मौजूदगी को अहम माना जा रहा है।

कूटनीतिक दृष्टि से अहम है दौरा

विशेषज्ञों का मानना है कि इस अंतिम संस्कार में भारत की भागीदारी केवल शोक संवेदना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पश्चिम एशिया में भारत की संतुलित विदेश नीति और ईरान के साथ उसके रणनीतिक संबंधों को भी दर्शाती है। इस दौरे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर बनी हुई है।

ये खबरें भी अवश्य पढ़े

Leave a Comment