पटना: बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन ने अपनी तैयारियों को गति दे दी है। चुनावी रणनीति को धार देने के लिए गठबंधन की ओर से साझा घोषणा पत्र तैयार करने के उद्देश्य से एक विशेष उपसमिति का गठन किया गया है। इस उपसमिति की पहली बैठक 30 जून को पटना स्थित कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित की जाएगी।
बैठक में तय होंगे महागठबंधन के चुनावी मुद्दे
इस बैठक में यह तय किया जाएगा कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन किन-किन मुद्दों को अपने एजेंडे में शामिल करेगा। बैठक में महागठबंधन के सभी घटक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे और अपने-अपने सुझाव साझा करेंगे।
ये नेता रहेंगे शामिल
बैठक में राजद से प्रो. मनोज झा, सुधाकर सिंह, प्रो. अनवर पाशा, प्रो. सुबोध मेहता,
कांग्रेस से अमिताभ दूबे, करुणा सागर, शिवजतन ठाकुर,
भाकपा (माले) से मीना तिवारी, प्रो. अभ्युदय,
माकपा से सर्वोदय शर्मा, प्रो. एम. जब्बार आलम, रामबाबू कुमार,
वीआईपी से प्रो. दिनेश सहनी और नुरूल होदा शामिल होंगे।
समन्वय समिति लेगी अंतिम फैसला
घोषणा पत्र के मसौदे पर सहमति बनने के बाद उपसमिति की रिपोर्ट को महागठबंधन की समन्वय समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। समन्वय समिति की अगली बैठक 4 जुलाई को प्रस्तावित है, जहां इन सुझावों पर गंभीर विमर्श कर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
चुनाव आयोग भी हुआ सक्रिय
वहीं दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने भी चुनावी तैयारियों के तहत एक्टिव मोड में काम शुरू कर दिया है। बिहार के विभिन्न प्रमंडलों में निर्वाचन अधिकारियों की समीक्षा बैठकें जारी हैं। मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण 25 जून से 26 जुलाई तक चलेगा और सितंबर के अंत तक अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
ऐसे में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अक्टूबर के पहले सप्ताह में विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी हो सकती है, क्योंकि वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है।
अब सबकी निगाहें महागठबंधन के साझा घोषणा पत्र पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि विपक्षी दल जनता के सामने किस एजेंडे के साथ उतरते हैं और सत्ता पक्ष को किस मुद्दे पर घेरने की तैयारी में हैं।