बिक्रमगंज (रोहतास): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपने दो दिवसीय बिहार दौरे के दूसरे दिन बिक्रमगंज पहुंचकर 48,520 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और लोकार्पण किया।
पीएम मोदी खुली गाड़ी में सवार होकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ मंच तक पहुंचे। इस दौरान रास्ते भर लोगों ने पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया और ‘मोदी जिंदाबाद’ व ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के नारे लगाए। प्रधानमंत्री ने भी हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
प्रधानमंत्री ने औरंगाबाद जिले में लगभग 29,930 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली नबीनगर सुपर थर्मल पावर परियोजना (चरण-2) की आधारशिला रखी। यह परियोजना बिहार और पूर्वी भारत को ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और सस्ती बिजली की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
सड़क संपर्क को मज़बूत करने के लिए प्रधानमंत्री ने कई राजमार्ग परियोजनाओं की भी शुरुआत की:
- एनएच-119ए (पटना-आरा-सासाराम) खंड को चार लेन का बनाने का कार्य
- एनएच-319बी (वाराणसी-रांची-कोलकाता) और एनएच-119डी (रामनगर-कच्ची दरगाह) को छह लेन में विस्तारित करने की योजना
- बक्सर और भरौली के बीच नए गंगा पुल का निर्माण
- एनएच-22 (पटना-गया-डोभी) खंड का चार लेन निर्माण (लागत: ₹5,520 करोड़)
- एनएच-27 पर गोपालगंज शहर में एलिवेटेड हाईवे का उद्घाटन
इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री ने 1,330 करोड़ रुपये की लागत से बनी सोन नगर-मोहम्मदगंज तीसरी रेल लाइन को राष्ट्र को समर्पित किया, जिससे रेल यातायात और माल परिवहन को गति मिलेगी।
इस भव्य कार्यक्रम में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार को पटना पहुंचे थे, जहां उन्होंने पटना हवाई अड्डे के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया और एक रोड शो में भाग लिया। इसके अलावा उन्होंने भाजपा नेताओं के साथ रणनीतिक बैठक भी की।
प्रधानमंत्री का यह दौरा बिहार के विकास को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है, जिससे राज्य में सड़क, रेल, ऊर्जा और कनेक्टिविटी क्षेत्रों में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा।