नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को लेकर राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताते हुए भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को सदन में प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने राहुल गांधी की संसद सदस्यता समाप्त करने के साथ-साथ उनके चुनाव लड़ने पर आजीवन प्रतिबंध लगाने की भी मांग की है।
‘विदेशी ताकतों के इशारे पर कर रहे हैं बयानबाजी’
निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर देश को गुमराह करने और राष्ट्रीय सुरक्षा व संप्रभुता से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। प्रस्ताव पेश करते हुए दुबे ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष विदेशी ताकतों, विशेषकर जॉर्ज सोरोस जैसी शक्तियों के प्रभाव में आकर बयान दे रहे हैं। उनका दावा है कि ऐसी ताकतें भारत के हितों के खिलाफ काम करती हैं और राहुल गांधी उनके एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। इसी आधार पर उन्होंने सदन से कड़ी कार्रवाई की मांग की।
राहुल गांधी के बयान से बढ़ा विवाद
यह विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने संसद में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौता कर सरकार ने देश के हितों का ‘समर्पण’ कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार को शर्म आनी चाहिए कि उसने ‘भारत माता को बेच दिया है।’ राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि इस समझौते से किसानों के हितों को गंभीर नुकसान पहुंचा है और ऐसा कदम पहले किसी प्रधानमंत्री ने नहीं उठाया।
चिराग पासवान ने भी जताई नाराजगी
केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान ने भी राहुल गांधी की टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का पद बेहद जिम्मेदारी भरा होता है और इस पद पर बैठे व्यक्ति को मर्यादा और गंभीरता का पालन करना चाहिए। पासवान ने कहा कि यदि कोई सदस्य सदन में आधारहीन आरोप लगाता है, तो उसके खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाना सदस्यों का अधिकार है। हालांकि इस मामले में अंतिम फैसला अभी होना बाकी है।