नई दिल्ली : बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की कानूनी परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। चेक बाउंस और लोन डिफॉल्ट मामले में तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता की जमानत याचिका पर गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत ने उन्हें कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि वादे पूरे न करने की वजह से ही आज उन्हें जेल जाना पड़ा है। पारिवारिक शादी समारोह का हवाला देते हुए राजपाल यादव ने जमानत की अर्जी दाखिल की थी।
‘कई बार आश्वासन, फिर भी नहीं चुकाया बकाया’
सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने टिप्पणी की कि राजपाल यादव ने कम से कम दो दर्जन बार अदालत में यह भरोसा दिलाया कि वे अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करेंगे और बकाया राशि चुकाएंगे, लेकिन हर बार वे ऐसा करने में असफल रहे। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि पहले उनके वकील ने शिकायतकर्ता को सीधे भुगतान करने की बात कही थी, जबकि अब कहा जा रहा है कि रकम अदालत में जमा कराई जाएगी। वकीलों के बदलते रुख पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने उन्हें स्पष्ट निर्णय लेने को कहा और मामले की अगली सुनवाई दोपहर 2:30 बजे तक स्थगित कर दी।
5 फरवरी को किया आत्मसमर्पण
गौरतलब है कि राजपाल यादव ने 5 फरवरी 2026 को तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण किया था। दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी अंतिम समय की याचिका खारिज करते हुए बार-बार अदालत के निर्देशों की अवहेलना करने पर छह महीने की सजा सुनाई थी। यह मामला वर्ष 2010 से जुड़ा है, जब उनके प्रोडक्शन वेंचर और फिल्म ‘अता पता लापता’ के असफल होने के बाद करीब 9 करोड़ रुपये के बकाया और चेक बाउंस का विवाद सामने आया था।
मदद के लिए आगे आए इंडस्ट्री के लोग
इस कठिन समय में फिल्म इंडस्ट्री से कुछ लोग उनकी मदद के लिए सामने आए हैं। म्यूजिक प्रमोटर इंद्रजीत सिंह ने कर्ज चुकाने के लिए 1.11 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। अभिनेता सोनू सूद और फिल्म निर्माता अनीस बज्मी ने भी सहायता का भरोसा दिया है। वहीं, राजपाल यादव के परिवार में जल्द ही उनकी भतीजी की शादी होने वाली है। परिवार को उम्मीद है कि शादी से पहले उन्हें जमानत मिल सकती है, हालांकि अंतिम फैसला अदालत के हाथ में है।