बिहार के Siwan जिले के बड़हरिया थाना क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गौसी हाता गांव स्थित एक कोचिंग संस्थान पर असामाजिक तत्वों ने बम फेंक दिया। इस घटना में कोचिंग में पढ़ाई कर रही छह छात्राएं घायल हो गईं। धमाके की आवाज सुनते ही इलाके में हड़कंप मच गया और छात्र-छात्राएं जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। घटना के बाद गांव में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, कोचिंग संचालक Deepu Kumar की क्लास चल रही थी और बड़ी संख्या में छात्राएं पढ़ाई कर रही थीं। इसी दौरान बाइक सवार तीन युवक वहां पहुंचे और कोचिंग गेट के सामने रुककर कमरे की ओर बम फेंक दिया। बम फटते ही जोरदार धमाका हुआ और कमरे में धुआं भर गया। अचानक हुए हमले से छात्राओं के बीच चीख-पुकार मच गई।
इस हमले में चांदनी कुमारी, निक्की कुमारी, गोल्डी कुमारी, आरुषा कुमारी, साजिद अली और सुमैया खातून घायल हो गए। सभी को बम के छर्रे लगे हैं। स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से घायलों को तुरंत निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। हालांकि घटना के बाद छात्राओं और अभिभावकों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
घटना की सूचना मिलते ही बड़हरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल से बम के अवशेष और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया, जिसने कोचिंग सेंटर और आसपास के इलाके की गहन जांच कर कई अहम साक्ष्य जुटाए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद सामग्री की जांच के बाद ही बम के प्रकार और हमलावरों के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल पाएगी। वहीं कोचिंग संचालक दीपू कुमार ने बताया कि इससे पहले भी कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा कोचिंग के पोस्टर और बैनर फाड़े गए थे, लेकिन उस समय मामले को ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया गया था। अब बम हमले की घटना के बाद उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दिनदहाड़े कोचिंग में पढ़ रहे बच्चों को निशाना बनाया जाना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों ने पुलिस से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। फिलहाल पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर हमलावरों की पहचान करने में जुटी हुई है।