नई दिल्ली: देशभर में E20 पेट्रोल लागू होने के बाद एक नए सर्वे ने इसके असर को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। LocalCircles द्वारा किए गए सर्वे के मुताबिक, 53% पेट्रोल वाहन मालिकों ने E20 पेट्रोल के रोलआउट को ‘अप्रभावी’ या ‘विनाशकारी’ बताया है। उनका कहना है कि इस ईंधन के इस्तेमाल से गाड़ियों का माइलेज घटा है और मेंटेनेंस का खर्च बढ़ गया है।
पुरानी गाड़ियों के मालिकों ने जताई सबसे ज्यादा चिंता
सर्वे के अनुसार, 2023 से पहले खरीदी गई पेट्रोल गाड़ियों के 66% मालिकों ने दावा किया कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने के बाद उनकी गाड़ियों का माइलेज 10% से अधिक कम हो गया। वहीं, 45% लोगों ने इंजन, फ्यूल सिस्टम और अन्य पार्ट्स में पहले की तुलना में ज्यादा घिसावट या मरम्मत की जरूरत महसूस होने की बात कही।
E0 और E10 पेट्रोल का विकल्प चाहते हैं वाहन मालिक
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि करीब 31% वाहन मालिक चाहते हैं कि उन्हें E20 के साथ-साथ E0 या E10 पेट्रोल खरीदने का विकल्प भी मिले, भले ही इसके लिए उन्हें अधिक कीमत चुकानी पड़े। खासकर पुराने मॉडल की गाड़ियों के मालिकों का मानना है कि कम इथेनॉल मिश्रण वाला पेट्रोल उनकी गाड़ियों के लिए ज्यादा उपयुक्त रहेगा।
सरकार ने E20 को बताया सुरक्षित और जरूरी
हालांकि सरकार लगातार E20 कार्यक्रम का बचाव कर रही है। केंद्र का कहना है कि 20% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी, प्रदूषण घटेगा और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। सरकार और ऑटोमोबाइल कंपनियों का दावा है कि व्यापक परीक्षणों में E20 से बड़े पैमाने पर इंजन खराब होने जैसी कोई पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि कुछ मामलों में माइलेज में मामूली गिरावट की बात स्वीकार की गई है।
22 हजार से ज्यादा वाहन मालिकों की राय पर आधारित है सर्वे
LocalCircles का यह सर्वे देश के 316 जिलों के 22,567 पेट्रोल वाहन मालिकों की प्रतिक्रियाओं पर आधारित है। इनमें 69% पुरुष और 31% महिलाएं शामिल थीं। सर्वे में टियर-1, टियर-2 और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की भी भागीदारी रही, जिससे E20 पेट्रोल को लेकर उपभोक्ताओं की राय का व्यापक आकलन सामने आया।