नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) की नेता आतिशी (Atishi) ने कालकाजी सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के रमेश विधूड़ी को कड़े मुकाबले में हराकर जीत हासिल की है। कालकाजी में इस जीत के साथ आम आदमी पार्टी ने अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है। यह सीट पिछले 30 सालों से भाजपा के लिए जीत से दूर थी, लेकिन इस बार भी भाजपा को निराशा ही हाथ लगी। आम आदमी पार्टी ने यहां 2015 और 2020 में भी जीत हासिल की थी और इस बार हैट्रिक पूरी कर ली है।
केजरीवाल, सिसोदिया सहित कई बड़े नेता हुए हार
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, सोमनाथ भारती और अवध ओझा चुनाव में हार गए हैं। अरविंद केजरीवाल को भाजपा के परवेश वर्मा ने हराया। वहीं, मनीष सिसोदिया को जंगपुरा सीट पर भाजपा के तरविंदर सिंह मारवाह ने शिकस्त दी। पटपड़गंज सीट पर अवध ओझा को भी हार का सामना करना पड़ा, जहां उन्हें भाजपा के रवींद्र नेगी ने हराया।
सिसोदिया ने अपनी सीट छोड़ी थी
मनीष सिसोदिया ने अपनी पटपड़गंज सीट अवध ओझा के लिए छोड़ दी थी। अब दोनों को हार का सामना करना पड़ा है। सिसोदिया ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि हार की समीक्षा की जाएगी और इसके कारणों पर बाद में जानकारी दी जाएगी।
केजरीवाल भी हार गए
आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल को भी चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। भाजपा के परवेश साहेब सिंह वर्मा ने उन्हें शिकस्त दी। दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणामों से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि दिल्ली में 27 साल बाद भाजपा की सरकार बनने जा रही है, जहां भाजपा को 47 सीटें और आम आदमी पार्टी को 23 सीटें मिलती दिख रही हैं। वहीं, कांग्रेस का फिर से सूपड़ा साफ होता नजर आ रहा है।