लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। गोमतीनगर स्थित समिट बिल्डिंग में चल रहे कथित फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर पर छापेमारी के दौरान पुलिस ने 119 लोगों को हिरासत में लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यहां से अमेरिका समेत कई देशों के नागरिकों को निशाना बनाकर साइबर ठगी की जा रही थी।
रात 7 बजे शुरू होता था ‘ऑफिस’, सुबह 3 बजे तक चलता था काम
पुलिस के अनुसार, कॉल सेंटर दिन में लगभग बंद रहता था, लेकिन शाम होते ही यहां गतिविधियां तेज हो जाती थीं। कर्मचारियों की ड्यूटी रात 7 बजे से शुरू होकर तड़के 3 बजे तक चलती थी, ताकि अमेरिकी समय के मुताबिक विदेशी नागरिकों से संपर्क किया जा सके। इसके लिए अंग्रेजी बोलने में दक्ष युवकों और युवतियों को नियुक्त किया गया था।
100 लैपटॉप, 178 मोबाइल और डिजिटल उपकरण बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 100 लैपटॉप, 178 मोबाइल फोन, कई हार्ड डिस्क, दस्तावेज और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए। इन सभी को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि साइबर फ्रॉड के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
विदेशी नागरिकों को बनाते थे शिकार
जांच एजेंसियों के मुताबिक, कॉल सेंटर से अमेरिका और अन्य देशों के लोगों को फोन कर तकनीकी सहायता, बैंकिंग सेवाओं या अन्य बहानों से झांसे में लिया जाता था। इसके बाद उनसे बैंकिंग और वित्तीय जानकारी हासिल कर साइबर ठगी को अंजाम दिया जाता था। पुलिस अब इस नेटवर्क के विदेश में बैठे कथित मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है।
कई राज्यों के लोग करते थे काम
पूछताछ में पता चला है कि कॉल सेंटर में काम करने वाले कई कर्मचारी देश के अलग-अलग राज्यों से आए थे। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी शामिल थे जिन्हें यह बताया गया था कि वे किसी बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) में नौकरी कर रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इनमें से कितने लोग ठगी के पूरे नेटवर्क से वाकिफ थे और कितने केवल कर्मचारी के तौर पर काम कर रहे थे।
देश की सबसे बड़ी साइबर कार्रवाई में से एक
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह लखनऊ में साइबर अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक है। सभी डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है। जांच के आधार पर आगे गिरफ्तारी और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ के समिट बिल्डिंग से संचालित कथित फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर पर पुलिस की कार्रवाई ने एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा किया है। 119 लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस अब पूरे गिरोह, उसके वित्तीय लेनदेन और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है।