नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को लोकसभा में नया आयकर विधेयक प्रस्तुत किया है। इस नए आयकर अधिनियम में पिछले वर्ष और कर निर्धारण वर्ष को समाप्त कर दिया गया है, और अब केवल ‘कर वर्ष’ लागू होगा। नया आयकर विधेयक 1 अप्रैल, 2026 से लागू किया जाने का प्रस्ताव है।
इस नए आयकर विधेयक में कर प्रणाली को सरल बनाने पर जोर दिया गया है। यह 1961 के पुराने कर कानून के स्थान पर लाया गया है, जिसमें कई धाराएं और उपधाराएं थीं, जिन्हें अब समाप्त कर दिया गया है। इसके साथ ही विधेयक को समझने में सरलता के लिए सरल भाषा का उपयोग किया गया है।
विधेयक में आयकर की देयता, छूट, कटौती, दंड और रिफंड जैसे विभिन्न प्रावधानों को स्पष्ट रूप से रखा गया है। किस धारा के तहत कटौती, रिफंड या जुर्माना लगेगा, इन सभी बातों का उल्लेख किया गया है। इसके साथ ही पूंजीगत लाभ, संपत्ति पर कर और आय पर कर छूट के लिए नए टैक्स स्लैब की जानकारी भी दी गई है।
नए टैक्स स्लैब:
- 4 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं लगेगा।
- 4 लाख से 8 लाख रुपये तक की आय पर 5% कर लगेगा।
- 8 लाख से 12 लाख रुपये तक की आय पर 10% कर लगेगा।
- 12 लाख से 16 लाख रुपये तक की आय पर 15% कर लगेगा।
- 16 लाख से 20 लाख रुपये तक की आय पर 20% कर लगेगा।
मानक कटौती:
- यदि आप वेतनभोगी व्यक्ति हैं, तो पुराने कर व्यवस्था के तहत 50,000 रुपये की मानक कटौती मिलेगी, जबकि नई कर व्यवस्था में यह बढ़कर 75,000 रुपये तक हो जाएगी।
पेंशन, एनपीएस और बीमा पर छूट:
- नए आयकर विधेयक में पेंशन, एनपीएस अंशदान और बीमा पर कर कटौती जारी रहेगी। सेवानिवृत्ति निधि, ग्रेच्युटी और पीएफ अंशदान को भी कर छूट के तहत रखा जाएगा। ईएलएसएस म्यूचुअल फंड में निवेश पर भी कर राहत दी जाएगी।
कर चोरी के लिए जुर्माना:
- अगर कोई व्यक्ति कर चोरी करता है तो उस पर जुर्माने का प्रावधान होगा। इसके अलावा, कर चोरी या अन्य गलत कदम उठाने पर उसे कर नोटिस भी भेजा जा सकता है।