लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें संपत्ति खरीदने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार ने संपत्ति की रजिस्ट्री पर मिलने वाली छूट की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है, जिससे महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी।
अब तक क्या थी व्यवस्था? उत्तर प्रदेश में प्रॉपर्टी खरीदते समय स्टांप शुल्क का भुगतान करना होता है, जो संपत्ति के मूल्य के आधार पर तय किया जाता है।
- 90 लाख रुपये तक की संपत्ति पर 7% स्टांप शुल्क लागू है।
- 10 लाख रुपये तक की संपत्ति पर 6% स्टांप शुल्क लिया जाता है।
- महिलाओं को 10 लाख रुपये तक की संपत्ति पर छूट दी जाती थी।
नई योजना में क्या होगा बदलाव? अब सरकार ने इस छूट की सीमा बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये तक करने का प्रस्ताव रखा है। इसका मतलब है कि अगर कोई महिला अपने नाम पर संपत्ति खरीदती है, तो उसे 1% की छूट मिलेगी।
- 1 करोड़ रुपये तक की संपत्ति पर अब केवल 6% स्टांप शुल्क देना होगा।
- महिलाओं को 1 लाख रुपये तक की सीधी बचत होगी।
कैबिनेट से जल्द मिलेगी मंजूरी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट में इस प्रस्ताव को पेश किया जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद इसका सीधा लाभ महिलाओं को मिलेगा, खासकर उन महिलाओं को जो बड़ी संपत्तियां खरीदने की योजना बना रही हैं। राज्य सरकार के स्टांप शुल्क विभाग ने इस प्रस्ताव को अंतिम रूप दे दिया है, और जल्द ही इसे लागू किया जाएगा।
महिलाओं के लिए बड़ी सौगात यह योजना महिलाओं के लिए संपत्ति खरीद को न केवल सस्ता बनाएगी, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में भी मददगार साबित होगी। सरकार का मानना है कि इससे राज्य में महिलाओं की संपत्ति में हिस्सेदारी बढ़ेगी और वे स्वतंत्र रूप से निवेश कर सकेंगी।
आर्थिक मजबूती की ओर बड़ा कदम सरकार के इस फैसले से समाज में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और वे अपने भविष्य को सुरक्षित कर सकेंगी। इस छूट का लाभ लेकर महिलाएं अपने नाम पर मकान या जमीन खरीदने के लिए अधिक प्रोत्साहित होंगी।