अमेरिका से अवैध प्रवासियों को भारत वापस भेजे जाने पर विदेश मंत्री का बयान, कहा- यह कोई नया मामला नहीं

Foreign Minister's statement on illegal immigrants being sent back to India from America, said- this is not a new case

अमेरिका से अवैध प्रवासियों को भारत वापस भेजे जाने को लेकर मचे बवाल के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद में मोर्चा संभाला। राज्यसभा में अपने बयान में विदेश मंत्री ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब अवैध प्रवासियों को भारत भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी कई मौकों पर अवैध प्रवासियों को भारत भेजा गया है और इसके लिए पुराना डेटा भी साझा किया।

अवैध प्रवासियों को वापस भेजना अमेरिका का अधिकार जयशंकर ने स्पष्ट किया कि अवैध प्रवासियों को वापस भेजना अमेरिका का अधिकार है और अमेरिका ने केवल उन लोगों को वापस भेजा है जो अवैध रूप से वहां रह रहे थे। उन्होंने यह भी बताया कि यह नियम 2012 से लागू है और इस नियम के तहत अमेरिका मिलिट्री प्लेन का इस्तेमाल प्रवासियों को वापस भेजने के लिए करता आया है।

2012 से लागू नियम विदेश मंत्री ने कहा कि 2012 से ही यह नियम लागू है, और अमेरिका के इस फैसले के तहत भारतीय नागरिकों को वापस भेजने का सिलसिला लगातार चलता रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यह सभी लोग वहां अमानवीय हालात में फंसे हुए थे। इसके अलावा, उन्होंने पुरानी डिपोर्टेशन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2009 में 734 लोग, 2013 में 550 लोग और 2020 में 1889 भारतीयों को वापस भेजा गया था।

डोनाल्ड ट्रंप के एक्शन के बाद बड़ी संख्या में वापसी गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप के फिर से अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद अवैध प्रवासियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। इसी कड़ी में, बुधवार को 104 भारतीयों को लेकर अमेरिकी सैन्य विमान अमृतसर के श्री गुरु रामदास इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा। यह C-17 मिलिट्री एयरक्राफ्ट एक दिन पहले टेक्सास के एयरपोर्ट से उड़ान भर चुका था।

विदेश मंत्री ने इस विषय पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यह पूरी प्रक्रिया अमेरिका की नीति के तहत ही की जा रही है।

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