पुणे: केंद्र सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान पर की गई कार्रवाई की जानकारी दुनिया को देने और भारत की भूमिका को वैश्विक मंच पर स्पष्ट करने के लिए सांसदों के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों को विदेश भेजने का निर्णय लिया है। इस फैसले पर अब एनसीपी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार ने प्रतिक्रिया दी है।
शरद पवार की प्रतिक्रिया: “यह पार्टी नहीं, सरकार का फैसला”
सोमवार को जारी बयान में शरद पवार ने कहा, “यह पार्टी का फैसला नहीं है बल्कि सरकार का फैसला है। जब नरसिम्हा राव सत्ता में थे, तब अटल बिहारी वाजपेयी के मार्गदर्शन में महाराष्ट्र से एक प्रतिनिधिमंडल नियुक्त किया गया था। मैं भी उस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा था। अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर पक्षपात नहीं होना चाहिए। आज सरकार ने जो प्रतिनिधिमंडल गठित किया है, वह दुनिया को भारत की भूमिका बताएगा।”
कहां-कहां जाएंगे भारतीय सांसदों के दल?
सरकार ने विभिन्न देशों में जाने के लिए सांसदों के 5 ग्रुप बनाए हैं, जिनमें अलग-अलग पार्टियों के सांसद शामिल हैं:
🟩 ग्रुप-7
नेतृत्व: सुप्रिया सुले (एनसीपी – शरद पवार गुट)
दौरा: मिस्र, कतर, इथियोपिया, दक्षिण अफ्रीका
सदस्य:
- राजीव प्रताप रूडी (भाजपा)
- विक्रमजीत सिंह साहनी (आप)
- मनीष तिवारी (कांग्रेस)
- अनुराग सिंह ठाकुर (भाजपा)
- लावु श्रीकृष्ण देवरायलु (टीडीपी)
- आनंद शर्मा (कांग्रेस)
- वी. मुरलीधरन
- सैयद अकबरुद्दीन (राजदूत)
🟨 ग्रुप-1
नेतृत्व: बैजयंत पांडा (भाजपा)
दौरा: सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन, अल्जीरिया
सदस्य:
- निशिकांत दुबे (भाजपा)
- फंगनन कोन्याक (भाजपा)
- रेखा शर्मा (भाजपा)
- असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM)
- सतनाम सिंह संधू (मनोनीत सांसद)
- गुलाम नबी आजाद (वरिष्ठ नेता)
- हर्षवर्धन श्रृंगला (पूर्व विदेश सचिव)
🟥 ग्रुप-2
नेतृत्व: रविशंकर प्रसाद (भाजपा)
दौरा: ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, यूरोपीय संघ, इटली, डेनमार्क
सदस्य:
- दग्गुबाती पुरंदेश्वरी (टीडीपी)
- प्रियंका चतुर्वेदी (शिवसेना-यूबीटी)
- गुलाम अली खटाना (मनोनीत सांसद)
- अमर सिंह (कांग्रेस)
- समिक भट्टाचार्य (भाजपा)
- एम.जे. अकबर (पूर्व मंत्री)
- पंकज सरन (पूर्व डिप्टी एनएसए)
🟦 ग्रुप-3
नेतृत्व: शशि थरूर (कांग्रेस)
दौरा: अमेरिका, पनामा, गुयाना, ब्राजील, कोलंबिया
सदस्य:
- शांभवी (एलजेपी – रामविलास गुट)
- डॉ. सरफराज अहमद (जेएमएम)
- जी.एम. हरीश बालयोगी (टीडीपी)
- शशांक मणि त्रिपाठी (भाजपा)
- भुवनेश्वर कलिता (भाजपा)
- मिलिंद देवड़ा (शिवसेना)
- तरनजीत सिंह संधू (पूर्व राजदूत)
- तेजस्वी सूर्या (भाजपा सांसद)
इस कूटनीतिक पहल का उद्देश्य यह है कि भारत की आतंकवाद के खिलाफ की गई कार्रवाई को वैश्विक स्तर पर सही परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत किया जा सके और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भारत के रुख की पूरी जानकारी मिले।