पटना, 5 अप्रैल 2026: राजधानी पटना में चांदी के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए बनवारीलाल चांदीवाला द्वारा देश के पहले “सिल्वर मॉल” का भव्य उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर प्रसिद्ध आध्यात्मिक वक्ता जया किशोरी, बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार, भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी, मॉल के स्वामी पवन खेमका सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। यह उद्घाटन रविवार को दोपहर 2 बजे, पिलर नंबर 56 के सामने, समनपुरा, रज़ा बाज़ार, बेली रोड, पटना – 800014 स्थित परिसर में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर जया किशोरी जी ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे प्रतिष्ठान न केवल व्यापार को बढ़ावा देते हैं, बल्कि लोगों के विश्वास और गुणवत्ता के मानकों को भी नई दिशा प्रदान करते हैं। सिल्वर मॉल की पूजा दरभंगा से पधारे विद्वान पंडित डॉ विपिन मिश्रा ईवा अर्जुन झा ने कराया तथा मौके पर शंखनाद किया। यह अत्याधुनिक “सिल्वर मॉल” अपनी तरह का भारत का पहला केंद्र है, जहाँ चांदी के उत्पादों की एक विशाल और विविध श्रृंखला एक ही छत के नीचे उपलब्ध है। कुल 5 मंजिलों में फैले इस मॉल के प्रत्येक फ्लोर पर चांदी की अलग-अलग श्रेणियों के उत्पाद सुव्यवस्थित रूप से प्रदर्शित किए गए हैं।
ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मॉल में दो फ्लोर की समर्पित पार्किंग के साथ अत्याधुनिक कार लिफ्ट सिस्टम की व्यवस्था की गई है, जो पटना में एक अनूठी पहल है। इसके अलावा, “ज्वेलरी बस” इस प्रतिष्ठान का विशेष आकर्षण है, जिसके माध्यम से ग्राहकों तक चांदी के उत्पादों को एक नए अनुभव के साथ पहुँचाया जाएगा। मॉल में उपलब्ध सभी उत्पाद 100% हॉलमार्क प्रमाणित हैं, जो गुणवत्ता और विश्वसनीयता का प्रतीक हैं। यहाँ चांदी की सूई से लेकर भव्य फर्नीचर तक हर प्रकार के उत्पाद एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं, जो इसे विशेष बनाते हैं।
मौके पर एम पी जैन ने बताया कि माल द्वारा उद्घाटन के अवसर पर पहले 1000 ग्राहकों को सिल्वर मेकिंग चार्ज पर 50% की विशेष छूट प्रदान की जा रही है। एम पी जैन ने बताया कि कार्यक्रम को सफल बनाने में , पवन खेमका, संगीता देवी खेमका, मोहित खेमका, डॉ सुरुचि खेमका, रोहित खेमका सहित अमर अग्रवाल, सुभाष चौधरी एवं अन्य लगे हुए थे। मौके पर पवन खेमका ने बताया कि संस्थान का उद्देश्य केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि पटना सहित पूरे भारत में चांदी के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित करना है, जहाँ गुणवत्ता, विश्वास और वैभव का संगम देखने को मिले।
– एम.पी. जैन