बिहार में एनडीए सरकार लगातार विकास कार्यों को गति देने में जुटी हुई है। इसी कड़ी में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भागलपुर, वैशाली और पूर्णिया जिलों में तीन अहम परियोजनाओं की जानकारी दी है, जिनसे राज्य की सड़कों और पुलों के नेटवर्क को और अधिक मजबूती मिलेगी।
भागलपुर में 6×21 मीटर आरसीसी पुल निर्माण को स्वीकृति
उपमुख्यमंत्री चौधरी ने बताया कि भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड स्थित डोमनिया चौक से बाबूपुर (भाया बाखरपुर पथ) के छठे किलोमीटर पर एक उच्च स्तरीय आरसीसी पुल के निर्माण को मंजूरी दी गई है।
- यह पुल 6×21 मीटर आकार का होगा, और इसके साथ पहुंच पथ (approach road) का भी निर्माण किया जाएगा।
- इस परियोजना पर 2336.44 लाख रुपये (23.36 करोड़) की लागत आएगी।
- काम की शुरुआत निविदा स्वीकृति के बाद की जाएगी और बिहार राज्य पुल निर्माण निगम को इसका जिम्मा सौंपा गया है।
- वर्ष 2025-26 में 70% कार्य (1635 लाख रु.) और 2026-27 में शेष कार्य (701.44 लाख रु.) पूरा किया जाएगा।
- हर महीने कार्य प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी।
वैशाली में गोरौल-सोन्धो-मथनामल सड़क का चौड़ीकरण और मजबूतीकरण
चौधरी ने बताया कि वैशाली पथ प्रमंडल, हाजीपुर के तहत गोरौल-सोन्धो-मथनामल (12.66 किमी) सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण कार्य को भी मंजूरी दी गई है।
- इस परियोजना पर 1951.63 लाख रुपये (19.51 करोड़) खर्च होंगे।
- इससे स्थानीय लोगों को बेहतर यातायात सुविधा, मजबूत क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, और आर्थिक-सामाजिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
पूर्णिया में एनएच-107 से काझी पथ का चौड़ीकरण
इसके अलावा, पूर्णिया पथ प्रमंडल के तहत एनएच-107 से काझी (6.00 किमी) पथ के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य को भी स्वीकृति मिल गई है।
- इस योजना की लागत 2261.70 लाख रुपये (22.61 करोड़) निर्धारित की गई है।
- पथ निर्माण विभाग से तकनीकी स्वीकृति के बाद निविदा प्रक्रिया पूरी कर जल्द निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
- इसकी जिम्मेदारी कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल पूर्णिया को दी गई है।
सम्राट चौधरी का बयान: विकास ही प्राथमिकता
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार बिहार में सड़क, पुल-पुलिया और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में तेजी से कार्य कर रही है।
“2005 की तुलना में आज बिहार में सड़कों और पुलों का विशाल नेटवर्क तैयार हो चुका है। यह सब सरकार की दूरदर्शिता और विकास के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है।”
इन परियोजनाओं से यह साफ है कि बिहार सरकार हर जिले को बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे न केवल यातायात सुविधाएं बेहतर होंगी बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।