देशभर में ISI का जाल, 12 से ज्यादा राज्यों में “हाइब्रिड आतंकियों” की भर्ती का खुलासा

ISI's Nationwide Network: Recruitment of "Hybrid Terrorists" Exposed in Over 12 States

नई दिल्ली: देश के करीब एक दर्जन से अधिक राज्य इस समय पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और आतंकी संगठनों के निशाने पर हैं। खुफिया एजेंसियों के इनपुट के अनुसार, इन इलाकों में “हाइब्रिड आतंकियों” की भर्ती कर एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया जा रहा है।

हालिया जांच में सामने आया है कि दिल्ली-एनसीआर में सोलर कैमरों के जरिए संवेदनशील स्थानों की रेकी कराई जा रही थी। वहीं अंबाला में आरडीएक्स की सप्लाई के दौरान हुई गिरफ्तारी ने इस नेटवर्क का बड़ा खुलासा किया है।

एसटीएफ और खुफिया एजेंसियों ने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े तीन आरोपियों—अकबर अली (अजमेर), अनस (मेरठ) और जगबीर (अंबाला) को अंबाला से आरडीएक्स के साथ गिरफ्तार किया। एक अन्य आरोपी मक्खनदीप (पंजाब) अभी फरार बताया जा रहा है।

इसी क्रम में गाजियाबाद के कौशांबी इलाके से सुहेल मलिक (मेरठ) समेत छह अन्य आरोपियों को भी खुफिया इनपुट के आधार पर गिरफ्तार किया गया। जांच में खुलासा हुआ कि सुहेल पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के निर्देश पर दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में सोलर कैमरे लगवाकर रेकी करा रहा था।

20 मार्च को इस टेरर मॉड्यूल से जुड़े कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें पांच नाबालिग भी शामिल हैं। इससे पहले 18 मार्च को आईबी और एटीएस ने आरडीएक्स कनेक्शन में हापुड़ से अजीम राणा और मेरठ से आजाद राजपूत को गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपी वीडियो कॉल के जरिए शहजाद भट्टी के संपर्क में थे।

जांच एजेंसियां—आईबी, एटीएस, एसटीएफ और आर्मी इंटेलिजेंस—अब इन सभी मॉड्यूल की गहन जांच में जुटी हैं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि ISI ने बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश, केरल, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और कश्मीर समेत 12 से अधिक राज्यों में अपना नेटवर्क फैला रखा है।

खास बात यह है कि इस नेटवर्क में “हाइब्रिड आतंकियों” को तैयार किया जा रहा है, जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होता, जिससे वे आसानी से सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बच जाते हैं।

बिजनौर निवासी सुहेल मलिक इसी नेटवर्क का हिस्सा था, जो दिल्ली-एनसीआर में युवाओं को जोड़कर कैमरे लगवाने का काम कर रहा था। वहीं देवबंद क्षेत्र के एक मौलाना को हिरासत में लेने की खबर से भी सनसनी फैल गई, हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

इसके अलावा बिहार निवासी नौशाद की भूमिका भी सामने आई है, जो पाकिस्तान के लिए जासूसी नेटवर्क में सक्रिय था और संवेदनशील स्थानों की जानकारी पाकिस्तान भेजता था। उसे झारखंड के देवघर स्थित मंदिर की जानकारी जुटाने का जिम्मा दिया गया था।

जांच में यह भी सामने आया है कि रेलवे नेटवर्क को निशाना बनाने की साजिश रची जा रही थी। गाजियाबाद में पकड़े गए मॉड्यूल ने रेलवे स्टेशन, मेट्रो और रैपिड रेल स्टेशनों की रेकी कर वीडियो पाकिस्तान भेजने की बात कबूल की है।

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