इजरायल-हमास संघर्ष के असर से जेम्स और ज्वेलरी उद्योग पर पड़ा प्रभाव, 2025 में सुधार की उम्मीद

Israel-Hamas conflict impacts gems and jewellery industry, hopes for recovery in 2025

इजरायल और हमास के बीच चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक बाजार में अस्थिरता का माहौल बना है, जिसका असर जेम्स और ज्वेलरी उद्योग पर भी पड़ा है। संघर्ष के चलते खरीदारों ने आभूषणों के बजाय सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर अधिक रुझान दिखाया है।

दिसंबर में गिरावट, लेकिन भविष्य के लिए उम्मीदें मजबूत

जेम्स और ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) के मुताबिक, दिसंबर 2024 में जेम्स और ज्वेलरी उद्योग का कुल निर्यात 1967.98 मिलियन डॉलर (16,719 करोड़ रुपये) रहा, जो पिछले साल की तुलना में कम है। वहीं, आयात 1526.95 मिलियन डॉलर (12,992.3 करोड़ रुपये) रहा, जो 27.23% की गिरावट को दर्शाता है।

युद्धविराम से व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

काउंसिल का मानना है कि इजरायल और हमास के बीच सीजफायर और शांति वार्ता से व्यापार में सुधार आएगा। शांति प्रक्रिया से उद्योग में धीरे-धीरे वृद्धि हो सकती है, और निर्यात में वृद्धि देखी जा सकती है।

हीरा उद्योग पर पड़ा गहरा असर

कट और पॉलिश किए गए हीरों का सकल आयात 64.1% गिरकर 91.26 मिलियन डॉलर रह गया, जो पिछले वर्ष 254.18 मिलियन डॉलर था। यह गिरावट उद्योग पर गहरे असर को दर्शाता है।

गोल्ड ज्वेलरी में हल्की मांग, लेकिन 2025 में सुधार की उम्मीद

गोल्ड ज्वेलरी का निर्यात दिसंबर में 868.03 मिलियन डॉलर रहा। शादी और छुट्टियों के सीजन के खत्म होने से मांग में गिरावट आई है, लेकिन GJEPC को उम्मीद है कि 2025 में हल्के और रोजमर्रा के आभूषणों की मांग बढ़ेगी, जिससे घरेलू बाजार में तेजी आएगी।

युवा पीढ़ी का बदलता रुझान

रिपोर्ट के अनुसार, युवा ग्राहक, खासकर जेनरेशन Z, हल्के और स्टाइलिश आभूषणों को अधिक पसंद कर रहे हैं। इस बदलाव के साथ उद्योग में नए डिजाइन और इनोवेशन पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है।

व्यापारियों की प्रतिक्रिया

कामा ज्वेलरी के एमडी कॉलिन शाह ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव से उद्योग पर दबाव बना हुआ था, लेकिन अब सीजफायर से बाजार को राहत मिलेगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले महीनों में निर्यात में सुधार होगा और व्यापार गतिविधियां तेज़ी से बढ़ेंगी।

आने वाले महीनों में सुधार की उम्मीद

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता लौटती है और शांति बनी रहती है, तो 2025 में भारतीय जेम्स और ज्वेलरी उद्योग एक नई ऊंचाई पर पहुंच सकता है।

ये खबरें भी अवश्य पढ़े

Leave a Comment