कोलकाता/गुवाहाटी : भारतीय रेल को मिली पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, पूर्वोत्तर को नई रफ्तार

Kolkata/Guwahati: Indian Railways receives its first Vande Bharat sleeper train, giving a new impetus to the Northeast.

भारतीय रेलवे के इतिहास में शनिवार को एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अत्याधुनिक ट्रेन पश्चिम बंगाल के हावड़ा और असम के गुवाहाटी के बीच संचालित होगी। इससे न केवल पूर्वोत्तर भारत की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
पूरी तरह वातानुकूलित 16 कोच वाली यह प्रीमियम ट्रेन सप्ताह में छह दिन यात्रियों की सेवा में रहेगी।

हवाई यात्रा जैसी सुविधाएं, समय में 3 घंटे तक की बचत
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 823 यात्रियों के सफर की क्षमता है। यह ट्रेन करीब 958 किलोमीटर की दूरी को मात्र 14 घंटे में तय करेगी, जो मौजूदा ट्रेनों की तुलना में लगभग ढाई से तीन घंटे कम है।
180 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड वाली इस ट्रेन में उन्नत सस्पेंशन सिस्टम, ऑटोमैटिक दरवाजे और आरामदायक स्लीपर बर्थ लगाए गए हैं। यात्रियों को सफर के दौरान बंगाली और असमिया व्यंजनों का स्वाद भी मिलेगा, जिससे यात्रा और अधिक सुखद बनेगी।

किराया संरचना: न्यूनतम 400 किमी का शुल्क अनिवार्य
रेलवे बोर्ड ने इस ट्रेन के लिए विशेष किराया ढांचा लागू किया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर में न्यूनतम 400 किलोमीटर का किराया देना अनिवार्य होगा। यानी यदि कोई यात्री 400 किमी से कम दूरी का सफर करता है, तब भी उसे पूरे 400 किमी का किराया चुकाना होगा।

-एसी-3 टियर: न्यूनतम ₹960

-एसी-2 टियर: न्यूनतम ₹1,240

-एसी-1 (फर्स्ट क्लास): न्यूनतम ₹1,520

400 किमी से अधिक दूरी पर अतिरिक्त किराया प्रति किलोमीटर के आधार पर लिया जाएगा—
एसी-1: ₹3.20, एसी-2: ₹3.10 और एसी-3: ₹2.40 प्रति किमी। इन सभी किरायों पर जीएसटी अलग से लागू होगा।

केवल कन्फर्म टिकट, RAC और वेटिंग लिस्ट नहीं
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में बुकिंग के नियम सख्त रखे गए हैं। रेलवे बोर्ड के अनुसार, इस ट्रेन में RAC, वेटिंग लिस्ट या आंशिक रूप से कन्फर्म टिकट की सुविधा नहीं होगी। यात्रियों को केवल पूरी तरह कन्फर्म बर्थ ही जारी की जाएगी।
आरक्षण कोटे की बात करें तो इसमें केवल महिला, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक और ड्यूटी पास कोटे ही मान्य होंगे। इसके अलावा कोई अन्य आरक्षण कोटा इस ट्रेन में लागू नहीं होगा।

यह ट्रेन आधुनिक तकनीक, आराम और तेज रफ्तार का बेहतरीन संगम बनकर भारतीय रेल के सफर में एक नया मील का पत्थर साबित होगी।

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